आरोपी ने खेत में गन्ने और पपीते इस तरह से लगाए थे जिससे किसी को शक ना हो कि उनकी आड़ में किन चीजों की खेती हो रही थी.

बूंदी जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नैनवां थाना पुलिस और एनटीएएफ (नारकोटिक्स टास्क फोर्स) जयपुर की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालापुरा गांव में मादक पदार्थों की अवैध खेती का खुलासा किया है. खेत में गन्ने और पपीते की फसल के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से गांजा और भांग के पौधे उगाए जा रहे थे, ताकि किसी को शक न हो. पुलिस ने मौके से कुल 1555 मादक पौधे जब्त किए हैं, जिनकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है. मामले में खेत मालिक रामरतन मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान खेत से 46 किलो 650 ग्राम वजन के 150 गांजे के पौधे और 4 क्विंटल 72 किलो 200 ग्राम वजन के 1405 भांग के पौधे बरामद किए गए. बरामद पौधों की लंबाई करीब एक फीट से लेकर दस फीट तक पाई गई. पुलिस ने सभी पौधों को नियमानुसार जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
खेत में अलग से बनाए थे बाड़
थानाधिकारी सहदेव सिंह मीणा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अवनीश शर्मा के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान एनटीएएफ जयपुर के एएसआई बलबीर सिंह से बालापुरा गांव में अवैध खेती की सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने खेत पर दबिश दी, जहां गन्ने और पपीते की फसल के बीच छिपाकर बड़ी संख्या में गांजा और भांग के पौधे लगाए हुए मिले.
जांच में सामने आया कि आरोपी ने खेत में अलग से बाड़ बनाकर इन पौधों की देखभाल की थी. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हुआ कि अवैध खेती को सामान्य कृषि गतिविधि का रूप देने के लिए गन्ने और पपीते की फसल का सहारा लिया गया था. खेत को इस तरह तैयार किया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को मादक पौधों की मौजूदगी का अंदाजा न लगे.
तस्करी का शक
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रामरतन मीणा ने पुलिस को बताया कि उसने करीब डेढ़ वर्ष पहले भांग के पौधे लगाए थे. उसने यह भी स्वीकार किया कि इनका उपयोग वह स्वयं और उसके कुछ साथी करते थे. हालांकि पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि कहीं इन पौधों का उपयोग अवैध तस्करी या बिक्री के लिए तो नहीं किया जा रहा था. पुलिस आरोपी के संपर्कों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि खेती की आड़ में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस बड़ी कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है.
फिलहाल जब्त किए गए पौधों को नियमानुसार सुरक्षित रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है तथा पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे.
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