राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर में आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से वैज्ञानिक सलाहकार समिति (Scientific Advisory Committee – SAC) की महत्वपूर्ण बैठक संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में देश के प्रतिष्ठित आयुर्वेद विशेषज्ञों, आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञों, फार्माकोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, वनस्पति विज्ञान एवं द्रव्यगुण विशेषज्ञों, बायो-स्टेटिस्टिशियन तथा आईआईटी एवं शोध संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने भाग लेकर अनुसंधान की भावी दिशा पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
बैठक में राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद आधारित उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान प्रोजेक्ट्स, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, एविडेंस बेस्ड आयुर्वेद, क्लिनिकल रिसर्च, ड्रग डेवलपमेंट, आधुनिक विज्ञान एवं आयुर्वेद के समन्वय तथा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से अनुसंधान अनुदान (Research Grants) प्राप्त करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी विचार किया गया कि अनुसंधान परियोजनाओं का चयन इस प्रकार किया जाए जिससे आमजन के स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ आयुर्वेद के वैज्ञानिक प्रमाणों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का लक्ष्य आयुर्वेद अनुसंधान को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। संस्थान में ऐसे अनुसंधान कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका प्रत्यक्ष लाभ समाज, रोगियों एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को मिले। वैज्ञानिक सलाहकार समिति के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च प्रोजेक्ट्स तैयार होंगे, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अनुसंधान अनुदान प्राप्त होंगे तथा आयुर्वेद आधारित साक्ष्य (Evidence) को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
बैठक में अनुसंधान परियोजनाओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन, बहुविषयक (Multidisciplinary) सहयोग, नई तकनीकों के उपयोग, शोध की गुणवत्ता, प्रकाशन, पेटेंट, नवाचार तथा युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA), इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (ITRA), जामनगर, CCRAS, आईआईटी जोधपुर, एमएनआईटी जयपुर, एनआईएमएस मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रो. (डॉ.) गलिब, प्रो. डॉ. हेमंत कुमार गर्ग, प्रो. उषा कलावत, प्रो. (डॉ.) तनुजा मनोज नेसरी, प्रो. (डॉ.) अभिमन्यु कुमार, प्रो. (डॉ.) छाजू राम यादव, प्रो. (डॉ.) सुदीप्त कुमार रथ, डॉ. नारायणम श्रीकांत, प्रो. अरुण अन्नप्पा चौगुले, प्रो. मिताली मुखर्जी, डॉ. रामदयाल पांडा, डॉ. नलिन जोशी, प्रो. डॉ. हेमंत मल्होत्रा, शुभम पांडे, प्रो. पी हेमंता, प्रो. अनिता शर्मा, प्रो. निशा ओझा, डॉ सुमन शर्मा सहित समिति के सभी सदस्य शामिल रहे।
बैठक के अंत में समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों के आधार पर संस्थान में भविष्य की अनुसंधान परियोजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने तथा आयुर्वेद अनुसंधान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
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