स्वामित्व योजना: जिससे गांवों में खत्म हो रहे जमीन के झगड़े, PM मोदी बांटने वाले हैं 65 लाख संपत्ति कार्ड

पीएम मोदी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे। 50,000 गांवों में संपत्ति मालिकों को ये संपत्ति कार्ड मिलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 230 से अधिक जिलों के करीब 50,000 गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करने वाले हैं। पीएम मोदी 18 जनवरी यानी शनिवार को दोपहर लगभग 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ये संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर एवं लद्दाख के संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी किये जाएंगे। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना क्या है और इसके क्या फायदे हैं।

स्वामित्व योजना क्या है
What is Svamitva Yojana : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 230 से अधिक जिलों के करीब 50,000 गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करने वाले हैं। पीएम मोदी 18 जनवरी यानी शनिवार को दोपहर लगभग 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ये संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर एवं लद्दाख के संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी किये जाएंगे। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना क्या है और इसके क्या फायदे हैं।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना क्या है?
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से तैयार किया जाता है। इसमें लोगों को जमीन के मालिकाना हक का अधिकार दिया जाता है, जिससे भूमि विवादों को कम किया जा सके। साथ ही योजना का उद्देश्य जमीन के मालिकाना हक को स्पष्ट करना है, जिससे किसानों को आसानी से लोन मिल सके। इस योजना में ड्रोन सर्वे, GIS और दूसरी आधुनिक तकनीक का यूज करके मालिकाना हक स्पष्ट किया जाता है। इस योजना में सर्वे के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

क्या हैं योजना के फायदे?
इस योजना से भूमि के स्वामित्व का स्पष्ट प्रमाण मिल जाता है। इससे जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी। जमीन का स्वामित्व स्पष्ट होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य भी तेजी से होंगे। वहीं, किसानों को लोन मिलने में भी सहूलियत होगी। किसान आसानी से अपनी जमीन पर आधारित लोन ले सकते हैं। इस तरह यह योजना ग्रामीण भारत के लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद कर रही है।

3.17 लाख से अधिक गांवों में हुआ ड्रोन सर्वे
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत अब तक 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा हो गया है। इस तरह जितने गांवों का लक्ष्य रखा गया था, उसके 92 फीसदी गांवों का सर्वे हो गया है। वहीं, 1.53 लाख गांवों के लिए करीब 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार कर लिये गए हैं।

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