Rajasthan News: सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी आतंकी उमर हासिम उर्फ ‘खरगोश’ जयपुर में नाम बदलकर एक साल तक रहा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश फरार हो गया.

सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कुछ दिनों पहले एक बेहद खतरनाक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था. जिसके तार राजस्थान की राजधानी जयपुर से मजबूती से जुड़े पाए गए थे.आतंकी उमर हासिम उर्फ ‘खरगोश’, जो मूल रूप से पाकिस्तानी आतंकी अबुहुरैरा और हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है, जयपुर में अपनी पहचान छिपाकर एक साल तक सक्रिय रहा . चौंकाने वाली बात यह है इस दौरान उसने न केवल फर्जी सरकारी दस्तावेज बनवाए, बल्कि जयपुर के पते पर पासपोर्ट जारी करवाकर खाड़ी देश फरार होने में भी कामयाब रहा.
पाकिस्तान से तीन राज्यों में घुसने का सफर
संगठन के सामने आने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों के साथ साथ राजस्थान पुलिस भी आतंकी खरगोश के हर उस ठिकाने का पता लगाने में जुटी हुई जहां वह एक साल के दौरान ठहरा हुआ था.सूत्रों के मुताबिक, आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश 2012 में पाकिस्तान से घुसपैठ कर जम्मू कश्मीर पहुंचा था . वहां लश्कर का संगठन मजबूत कर हरियाणा के नूह गया फिर वही से राजस्थान की राजधानी जयपुर में आया था. वह गुलाबी नगरी में करीब एक साल (साल 2023 से 2025 )तक जय सिंह पूरा खोर इलाके में रहा . इस दौरान उसने स्थानीय साथियों की मदद से न केवल शहर की रेकी की, बल्कि फर्जी दस्तावेजों का जाल बुना.
सज्जाद अहमद के नाम से बना ‘हवामहल’ का मतदाता
जांच में आतंकी का फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड सामने आया है. जिसके आतंकी ने अपनी पहचान सज्जाद सज्जाद अहमद बताई थी , जिसमें उसकी डेट ऑफ़ बर्थ 1995 बताई हुई है. पिता का नाम मोहम्मद अब्दुल्ला लिखवाया. ये आईडी जयपुर के राशिद विहार कॉलोनी सड़वा मानपुर आमेर जय सिंह पुरा खोर के पते पर बनवाया था. यह इलाक़ा हवामहल विधानसभा क्षेत्र में आता है. इसके जरिए वह जयपुर में हवामहल विधानसभा का मतदाता बन गया.
फर्जी किरायानामा और शादी का लिया सहारा
उमर हासिम ने जयपुर में रहने के लिए फर्जी किरायानामा तैयार करवाया था. सूत्रों के अनुसार, उसने श्रीनगर में एक युवती से निकाह किया था और उसी शादी के दस्तावेजों का इस्तेमाल उसने राजस्थान में अपनी पहचान पुख्ता करने और पासपोर्ट बनवाने के लिए किया. इन दस्तावेजों के आधार पर उसने पासपोर्ट हासिल किया और इंडोनेशिया के रास्ते खाड़ी देश भाग निकला.
एजेंसियां और ATS अलर्ट पर
‘खरगोश’ के फरार होने के बाद अब राजस्थान पुलिस और एटीएस (ATS) की टीमें उसके हर संभावित ठिकाने को खंगाल रही हैं. यह जांच का विषय है कि एक पाकिस्तानी आतंकी एक साल तक राजधानी के संवेदनशील इलाके में रहा और स्थानीय खुफिया तंत्र (Local Intelligence Network) को इसकी भनक तक नहीं लगी. एजेंसियां अब उन लोगों की तलाश कर रही हैं जिन्होंने आतंकी को फर्जी आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी.
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