आनंदपाल एनकाउंटर केस: 90 को नकद इनाम, 9 पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति, वसुंधरा सरकार में एनकाउंटर को फर्जी बता पुलिसवालों पर दर्ज हुई थी FIR

24 जून 2017 को पुलिस ने चुरू जिले के मालासर में श्रवण सिंह राजपूत के घर में छिपे आनंदपाल सिंह को मार गिराया था

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार में चर्चित गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर केस में शामिल 9 पुलिसकर्मियों को गहलोत सरकार विशेष पदोन्नति देगी। इसके अलावा 90 पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 17 पुलिसकर्मियों को 1-1 लाख, 13 को 50-50 हजार रुपए, 34 पुलिसकर्मियों को 25-25 हजार रुपए और 26 पुलिसकर्मियों को 5100-5100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने एक आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि इस एनकाउंटर के बाद राजपूत नेताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR करवाई गई थी। हालांकि पिछले साल CBI ने पुलिस को क्लीन चिट दे दी थी।

सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा गहलोत सरकार ने दो IPS और दो एडिशनल एसपी को 12 बोर की पिस्तौल से सम्मानित करने और 7 पुलिस अफसरों को प्रेसीडेंट गैलेंट्री मेडल (राष्ट्रपति वीरता पदक) से सम्मानित करने की सिफारिश की है। इसमें आनंदपाल सिंह को गोली मारने वाले स्पेशल कमांडो सोहन सिंह, तत्कालीन चुरू एसपी राहुल बारहठ, एसओजी में एडिशनल एसपी करण शर्मा, एडिशनल एसपी विद्याप्रकाश चौधरी, डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़, आरएसी के हेडकांस्टेबल कैलाश व चुरू में पुलिस कांस्टेबल हरमपाल के नाम भी शामिल है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को फाइल भेजेगी। ये सभी मुख्य रूप से आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम में शामिल थे। इसके अलावा एएसपी ज्ञानचंद यादव, एएसपी संजीव भटनागर,

इन 9 पुलिसकर्मियों को मिलेगी पदोन्नति

आनंदपाल एनकाउंटर मामले में विशेष भूमिका निभाने वाले जाबांज कमांडो सोहन सिंह, आरएसी के हेड कांस्टेबल कैलाश, ईआरटी कमांडो संदीप, ईआरटी कमांडो हनुमान और चुरू पुलिस के जवान धर्मपाल, प्रदीप, धर्मवीर के अलावा एसओजी के हेड कांस्टेबल हरिराम (वर्तमान में एएसआई) और छतरगढ़, बीकानेर के कांस्टेबल दुर्गादत्त को विशेष गैलेंट्री प्रमोशन का इनाम दिया है।

इन पुलिसकर्मियों को मिला 1-1 लाख रुपए का इनाम

एसओजी में तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता, चुरू जिले के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश गोदारा, एसओजी में तत्कालीन सबइंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, मोहनलाल पोसवाल, चुरु जिले के सबइंस्पेक्टर रामविलास विश्नोई, अजमेर जिले के सबइंस्पेक्टर विजय सिंह, एसओजी के तत्कालीन एएसआई विनोद कुमार, पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के हेडकांस्टेबल डोडीराम, नागौर जिले के परबत सिंह, पुलिस कमिश्नरेट के हेडकांस्टेबल चंद्रपाल सिंह, बीकानेर के हैडकांस्टेबल सुखविंदर सिंह, जयपुर कमिश्नरेट के तत्कालीन कांस्टेबल महिपाल सिंह, नागौर जिले के कांस्टेबल पुखराज, नागौर जिले के कांस्टेबल रोहिताश सिंह, चुरु जिले के तत्कालीन कांस्टेबल चेतन प्रकाश और चुरु जिले के कांस्टेबल कृष्ण मीणा को एक-एक लाख रुपए का नगद इनाम दिया जाएगा।

CBI ने एनकाउंटर को फर्जी बताने वाली FIR पर पुलिस को दी थी क्लीन चिट

आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद वसुंधरा राजे सरकार में राजपूत नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। तब एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई थी। साथ ही मामले में सीबीआई जांच का दबाव बनाया गया। लेकिन सीबीआई ने पिछले साल ही अपनी जांच पूरी कर एनकाउंटर को सही ठहराते हुए पुलिस को क्लीन चिट दी थी। सीबीआई ने आनंदपाल एनकाउंटर को फर्जी बताए जाने से जुड़े मामले में एफआर लगा दी थी।

जबकि इस एनकाउंटर के बाद सांवराद में हुए हिंसक उपद्रव के मामले में आनंदपाल की बेटी व राजपूत समाज के नेताओं सहित करीब 24 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। एफआर में सीबीआई ने कहा है कि आनंदपाल एनकाउंटर फर्जी नहीं था। इसमें पुलिस की विश्वसनीयता पर संदेह करने का काेई कारण नहीं है।

CBI​​​​​​​ ने यह भी कहा था

एसीजेएम (सीबीआई केसेज) काेर्ट में पेश एफआर में यह भी कहा गया है कि आनंदपाल की एके-47 से ही पुलिस के कमांडाे साेहन सिंह पर गाेलियां चलाई गई थीं। पुलिस ने जान बचाने के लिए फायरिंग की। दूसरी ओर, दंगे भड़काने के मामले में पेश चार्जशीट में आनंदपाल की बेटी याेगिता सिंह, राजपूत समाज के नेता लोकेंद्रसिंह कालवी, सुखदेव सिंह गाेगामेड़ी, रणवीर सिंह गुड़ा, मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता हनुमानसिंह खांगटा सहित 24 लाेगाें को आरोपी बनाया गया।

सीबीआई ने जांच में माना था कि इन आरोपियों ने सरकार पर दबाव बनाने के श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया और भड़काऊ भाषण दिया। इसके बाद अनियंत्रित भीड़ ने नागाैर एसपी के वाहन पर हमला कर आग लगा दी।

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