खड़ी है-चौबीसों घण्टे मौत, फिर भी जज्बे और जोश से जुटे हुए है ये योद्धा,लेकिन सात महीनों से तरस रहे वेतन को, जिम्मेदारों ने मूंद ली आंखे!

बीकानेर@जागरूक जनता । एक और पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है तो वहीं इस वायरस से जंग लड़ने के लिए अग्रिम पंक्ति में स्वास्थ्यकर्मी मजबूती से डटे हुए हैं । जो दिन रात बिना थके बिना डरें इस वायरस से लड़ रहे हैं, लेकिन ये कोरोना वॉरियर्स इस जंग के साथ आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों से भी जूझ रहे हैं । सरकार के दावों की पोल खोलती तस्वीर बीकानेर से सामने आ रही है । जहाँ स्वास्थ्यकर्मियों ने बीते सात महीनों से वेतन ना मिलने की अपनी पीड़ा बयां की है मामला राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसियन बीकानेर द्वारा राजस्थान की मेडिकल कॉलेज के अधीन कार्यरत यूटीबी नर्सेज से जुड़ा हुआ है नर्सेज असोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कोरोना काल के इस भयावह दौर में नर्सिंगकर्मी इस वायरस से जंग लड़ने के लिए अग्रिम पंक्ति मेँ खड़े हैं लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते पिछले सात महीनों से वेतन के लाले पड़ रहे हैं ऐसे में अब तो परिवार का भरण पोषण करना भारी पड़ रहा है । रविवार को पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग ओपीडी मे दौरे पर रहे केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम राम मेघवाल को राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ मोहम्मद ने ज्ञापन सौंपकर युटीबी नर्सेज का वेतनमान शीध्र दिलाने की मांग की है ,ताकि कोरोनाकाल के इस भयावह दौर में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े । वंही इन सबके बीच बड़ा सवाल उन मंत्रियों और अफसरशाही से है कि इन अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं का वेतमान क्यों रोका गया जबकि यह 24 घण्टे अपना समय मौत के साये के बीच बिताते हैं ताकि मानव जाति को इस कहर से बचाया जा सके । ऐसे में सरकार और जिम्मेदारों से करबद्ध निवेदन है कि इन युटीबी नर्सेज का बकाया वेतनमान जल्द जारी करे ताकि ये योद्धा और दुगुने जोश से कार्य मे जुटे जिससे कि जल्द से जल्द इस माहमारी से निजात मिले । इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में हनुमान चौधरी, लक्ष्मणसिहं राहड़ा, राकेशकुमार, अजय धायल, चेतन, कृष्ण कुमार, विमल, रविन्द्र, सुरेश विक्रम, नितेश सहित बड़ी संख्या में पीबीएम अस्पताल के युटीबी नर्सेज उपस्थिति रहे ।

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