Paris Olympics 2024: पंवार ने जगाई पदक की आस, रेपचेज के जरिए पोडियम फिनिश करने का शानदार मौका

25 वर्षीय बलराज पंवार न्यूजीलैंड के थॉमस मैकिनटोश (6:55.92), स्टीफानोस एनतोस्कोस (7:01.79) और अब्देलखालेक एलबाना (7:05.06) से पीछे रहने के बाद क्वार्टर फाइनल के लिए सीधे क्वालीफिकेशन से चूक गए। पंवार 7:07.11 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे।

नई दिल्ली. भारत के एकमात्र नौकायन (रोइंग) खिलाड़ी बलराज पंवार शनिवार को पेरिस ओलंपिक में पुरुष एकल स्कल प्रतियोगिता की हीट 1 में चौथे स्थान पर रहने के बाद रेपेचेज में हिस्सा लेंगे। प्रत्येक हीट से शीर्ष तीन ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

प्रत्येक हीट में शीर्ष तीन को क्वार्टर के लिए सीधे क्वालीफिकेशन मिलता है। हालांकि, भारतीय रोवर के पास सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचने और पोडियम पर फिनिश करने के लिए रेपेचेज में एक और मौका होगा। रेपेचेज के जरिए बलराज को सेमीफाइनल या फाइनल में जगह बनाने का दूसरा मौका मिलेगा। ऐसे में उन्होंने मेडल की आस जागा दी है और अब उनके पास पोडियम फिनिश करने का शानदार मौका है।

पंवार ने कोरिया में एशियाई और ओसियाना ओलंपिक क्वालीफिकेशन में कांस्य पदक जीता और चीन के हांगझोऊ में 2022 एशियाई खेलों में चौथे स्थान पर रहे।

क्या होता है रेपचेज ?
रेपचेज शब्द फ्रांसीसी शब्द रेपेचर से लिया गया है, जिसका अर्थ है बचाव करना। रेपेचर ऐसी प्रणाली है, जो शुरुआती दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को वापसी का मौका देता है। इसका इस्तेमाल कुश्ती में भी किया जाता है। एक प्रतिभागी जो प्री-क्वार्टर फाइनल या बाद के राउंड में हार गया हो, उसे आगे प्रतिस्पर्धा करने और पदक के लिए मुकाबला करने का एक और मौका मिलता है।

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