जापान में पढ़ाई, स्कॉलरशिप और करियर के अवसरों से रूबरू हुए विद्यार्थी

जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में चार दिवसीय 21वें इंडो-जापान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘बायकॉन-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन महेश्वरी पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में ‘स्टडी इन जापान’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में विद्यार्थियों को जापान में उच्च शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति , स्किल डेवलपमेंट, रोजगार एवं कैरियर के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं महेश्वरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा गणेश वंदना के साथ हुई।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि आईएएस समित शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि जापान दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी यासुयुकी नाकायामा, महेश्वरी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रीता भार्गव, ईसीएमएस से सीए संजय महेश्वरी, अरूण मालू का स्वागत आयोजक चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक डॉ. मनीष बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राधिका बियानी , असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी तथा प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी गणमान्य अतिथियों का बुके, शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।
कार्यक्र्म में स्वागत उद्बोधन करते हुए रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक डॉ. मनीष बियानी ने कहा कि भारत में करीब 1.5 करोड़ युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती है, जबकि जापान में करीब 1.1 करोड़ लोगों की लेबर शॉर्टेज है। ऐसे में ‘JAI 2050’ मिशन के तहत भारतीय प्रतिभाओं को जापान में अवसर उपलब्ध कराना हमारा विजन है। उन्होंने बताया कि इसके लिए 9 प्रमुख शहरों के 53 स्कूलों का चयन किया गया है।
उन्होंने कहा कि जापान जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भाषा और संस्कृति की समझ महत्वपूर्ण है। वर्ष 2050 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक्टिव लर्निंग को बढ़ावा देना होगा। जापान की तकनीक और हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रगति का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अवसरों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘गुलाबी 2026’ और ‘साकुरा साइंस प्रोग्राम’ को भारत-जापान के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
वहीं आईएएस समित शर्मा ने गानों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन करने और अपने लक्ष्य तय कर पूरी डेडिकेशन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जापान से पंक्चुअलिटी और डिसिप्लिन सीखने की बात कहते हुए 5S फॉर्मूला—Sort, Set in Order, Shine, Standardize और Sustain को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है।
ईसीएमएस से अरूण मालू ने शिक्षा और विद्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या व्यक्ति की आंतरिक क्षमता को जागृत करती है। उन्होंने सभी को लक्ष्य निर्धारित कर सफलता के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
जापान दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी यासुयुकी नाकायामा ने विद्यार्थियों को जापान में उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी, आईटी, एनीमेशन और बिजनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन के अवसर उपलब्ध हैं। साकुरा साइंस प्रोग्राम के तहत भारत-जापान छात्र आदान-प्रदान होता है, जिससे विद्यार्थी जापान की शिक्षा और संस्कृति को समझ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बियानी की छात्रा अंजलि पंडित का रिसर्च स्टूडेंट प्रोग्राम में चयन हुआ था। साथ ही, ग्रेजुएट्स के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के अवसर भी उपलब्ध हैं।
सात्सुकी शियोयामा ने यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो का ऑनलाइन परिचय देते हुए ट्यूशन फीस, टोक्यो इंटरनेशनल प्रोग्राम, करिकुलम और करियर के अवसरों की जानकारी साझा की। साथ ही, जापान में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध रोजगार और सहयोग के अवसरों के बारे में बताया।
इसके बाद प्रो. यासुनोरी बाबा ने इशिकावा प्रीफेक्चरल यूनिवर्सिटी में फूड साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोऑर्गेनिज्म और स्मार्ट कृषि में हो रहे शोध की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए रिसर्च, उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के अनुसार करीब 98 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त होता है। उन्होंने जयपुर-कानाजावा की सांस्कृतिक समानताओं के साथ जापान की सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और बायोगैस पर अपनी नवीनतम रिसर्च को वीडियो के माध्यम से समझाया।
प्रो. इको याओ ने क्वान्सेई गाकुइन यूनिवर्सिटी का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप और उच्च शिक्षा के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए करियर संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
इसके बाद जापान के ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस के क्यो एवं नवीन ने विद्यार्थियों को जापान में शिक्षा के साथ रोजगार के अवसरों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों, जापानी भाषा के N5 से N1 स्तर तक प्रशिक्षण, पार्ट-टाइम ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अवसरों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने किफायती फीस और सुरक्षित वातावरण बताते हुए विद्यार्थियों को जापान में बेहतर करियर के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
जापान के नाइतेई ब्रिज से टोमोको काटो ने जापानी भाषा प्रशिक्षण, प्रोफेशनल रेडीनेस एवं करियर पाथवे के बारे में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने जापान में अध्ययन एवं रोजगार के लिए आवश्यक भाषा कौशल और प्रोफेशनल तैयारियों पर भी जानकारी साझा की।
तोहो इंटरनेशनल से शिवांगी तमांग ने जापान की क्रिएटिव इंडस्ट्री, ग्लोबल मीडिया एवं विद्यार्थियों के लिए करियर अवसरों पर प्रस्तुति दी।
ईसीएमएस से सीए संजय माहेश्वरी ने महेश्वरी स्कूल के विद्यार्थियों को बियानी कॉलेज की इस पहल से जुड़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एमपीएस स्कूल और बियानी कॉलेज के बीच शैक्षणिक सहयोग विद्यार्थियों को नई संभावनाओं और वैश्विक अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर (रिसर्च, डेवलपमेंट एंड ग्लोबल अफेयर्स) डॉ. राधिका बियानी डागा, द्वारा आभार व्यक्त किया। वहीं साकुरा एक्सचेंज के विद्यार्थियों ने जापान विजिट व गुलाबी स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम 2026 के जापानी प्रतिभागीयों ने भारत में अपने अनुभवों को साझा किए।
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