सियावा शराब ठेके पर नियमों की खुली धज्जियाँ, ग्रामीणों में रोष

सिरोही। आबूरोड-अंबाजी राजमार्ग पर स्थित सियावा शराब ठेका इन दिनों आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सरकारी नियमों के अनुसार शराब की दुकानें रात्रि 8 बजे तक बंद होनी चाहिए, लेकिन सियावा में यह नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यहां रात 9:45 बजे तक खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है और उसके बाद भी गुपचुप तरीके से ग्राहकों को शराब उपलब्ध करवाई जा रही है।
छोटा गेट बना अवैध बिक्री का जरिया
ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेकेदार ने दुकान के बगल में एक छोटा गेट बना रखा है, जिसके माध्यम से देर रात तक शराब सप्लाई की जाती है। मुख्य दुकान बंद दिखाने के बाद इसी गेट से ग्राहकों को शराब उपलब्ध करवाई जाती है। इससे यह साफ संकेत मिलते हैं कि नियमों की अनदेखी सुनियोजित तरीके से की जा रही है। हाईवे किनारे स्थित होने के कारण यहां देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिसका फायदा उठाकर अवैध बिक्री को अंजाम दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा अवैध कारोबार
अंबाजी से आबूरोड मार्ग पर स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री अब गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मार्ग पर कई स्थानों पर 24 घंटे शराब उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और क्षेत्र का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद आबकारी विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है।
आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत के बिना इतनी खुलेआम नियमों की अवहेलना संभव नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी अजय जैन और आबूरोड वृत के आबकारी सीआई से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किए। ऐसे में विभाग की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है।
आखिर किसकी शह पर चल रहा खेल?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसकी शह पर शराब ठेकेदार इतने बेखौफ होकर नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं? यदि विभाग नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है तो फिर देर रात तक शराब बिक्री कैसे हो रही है? क्या विभागीय अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं? यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो इससे विभाग की निष्क्रियता और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े होना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात्रिकालीन समय में सघन निगरानी अभियान चलाया जाए और निर्धारित समय के बाद शराब बेचने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
रिपोर्ट- तुषार पुरोहित सिरोही
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