हर परिवार को मिलेगा कैशलेस बीमा, 3500 करोड़ रुपए की लागत से लागू होगी यूनिवर्सल हेल्थ योजना

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में प्रदेश के सभी परिवारों को कैशलेस बीमा की सौगात दी है। महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना की तर्ज पर ये योजना लाई जाएगी और इसमें प्रदेश के सभी संविदा कर्मचारियों, लघु व सीमांत किसानों को निशुल्क और सामान्य परिवारों को 50 प्रतिशत प्रीमियम राशि देकर बीमा का लाभ मिलेगा।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में प्रदेश के सभी परिवारों को कैशलेस बीमा की सौगात दी है। महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना की तर्ज पर ये योजना लाई जाएगी और इसमें प्रदेश के सभी संविदा कर्मचारियों, लघु व सीमांत किसानों को निशुल्क और सामान्य परिवारों को 50 प्रतिशत प्रीमियम राशि देकर बीमा का लाभ मिलेगा। इसमें राजकीय और निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। गहलोत ने कहा कि सभी को स्वास्थ्य का अधिकार प्रदान करने के लिए राज्य हेल्थ बिल भी लाया जाएगा। इससे हम देश में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सरकार राइट टू हेल्थ बिल लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में महात्मा गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना चल रही है, इस योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों को ही कैशलेस बीमा का लाभ मिलता है। लेकिन आगामी वर्ष से हम 3500 करोड़ रुपए की लागत से यूनिवर्सल हेल्थ योजना लागू करेंगे।

इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए तक कैशलेस बीमा उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके तहत सामान्य परिवारों को कैशलेस बीमा के लिए 50 प्रतिशत प्रीमियम की राशि देनी होगी, जबकि सभी संविदा कर्मचारियों, लघु व सीमांत किसानों को निशुल्क बीमा उपलब्ध करवाया जाएगा।

Date:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Jagruk Janta Hindi News Paper 4 Febuary 2026

Jagruk Janta 4 Febuary 2026Download

वैज्ञानिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए समाज के विकास में योगदान दें- Dr. शर्मा

“खाद्य उत्पादन प्रणालियों में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रकृति आधारित...

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान मे पश्चिस क्षेत्रीय स्पोर्ट टूर्नामेंट 31 से

अविकानगर . भारतीय क़ृषि अनुसन्धान परिषद के संस्थान केंद्रीय...