वाह रे MGSU प्रशासन!आपकी गलती की सजा क्या विद्यार्थियों को भुगतनी होगी?? कोरोना के साथ-साथ विवि ने धकेला अंधेरे में..

बीकानेर@जागरूक जनता । कोरोनाकाल की त्रासदी के इस दौर में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट करके रख दिया है, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य गर्त में चला गया है इससे इतर शिक्षा के प्रति लापरवाहियां बरतने के मामले भी लगातार सामने आ रहे है । लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है वो वाकई में चोंकाने वाला है क्योंकि यह बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय से जुड़ा हुआ है । बुधवार को एमजीएसयू के द्वारा आयोजित परीक्षा मे विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र कोई और सब्जेक्ट के पकड़ा दिए गए,जबकि परीक्षा किसी और सब्जेक्ट की थी । प्रश्न पत्रों में हुई बड़ी गलती ने परीक्षार्थियों को परेशानी में डाल दिया है। विद्यार्थियों ने जब इसकी शिकायत विवि के परीक्षा केंद्र सहित अन्य जिम्मेदार अफसरों के आगे की तो उनके जवाब सुनकर विद्यार्थियों के होश उड़ गए । सभी ने इस गलती पर से पल्ला झाड़ दिया । सभी जिम्मेदारों ने इस  गड़बडिय़ों को लेकर कुछ भी बोलने में असमर्थता जता दी,ऐसे में विद्यार्थी सकते में है । जानकारी के अनुसार विवि की ओर से कोविड काल के दौरान परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों की विभिन्न परीक्षाएं इन दिनों चल रही है। जिसमें बुधवार को डूंगर कॉलेज में हो रही एम कॉम फाइनल 2020 की प्रॉडक्शन मैनेजमेंट-1 निर्धारित थी। जब परीक्षार्थियों के हाथ पेपर आया तो उनके होश उड़ गये। जिस विषय की वे तैयारी करके आएं थे। उसका पेपर में उस विषय के प्रश्नों की बजाय दूसरे ही विषय के प्रश्न थे। इसको लेकर विद्यार्थियों ने तत्काल परीक्षा कक्ष में मौजूद वीक्षक को इसकी शिकायत दर्ज करवाई। परीक्षार्थी के अनुसार प्रश्न पत्र के ऊपर प्रॉडक्शन मैनेजमेंट लिखा था जबकि अंदर दिए गए प्रश्न मैटेरियल मैनेजमेंट के थे। जबकि मैटेरियल मैनेजमेंट की परीक्षा 4 अगस्त को होनी है। परीक्षार्थियों ने कॉलेज प्रशासन को स्थिति से अवगत करवाया। कॉलेज प्रशासन ने यूनिवर्सिटी पर आरोप मढ़कर पल्ला झाड़ दिया। परीक्षार्थियों ने कॉलेज को प्रार्थना पत्र भी दिया है। एमजीएसयू की इस बड़ी लापरवाही ने परीक्षार्थियों का भविष्य संकट में डाल दिया है। सवाल यह है कि परीक्षा प्रश्न पत्र के मामले में आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे की जा सकती है। यह महज छोटी लापरवाही नहीं है बल्कि परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अब देखना यह है कि परीक्षार्थियों को त्वरित न्याय दिया जाता है या चक्कर कटवाकर परेशान किया जाता है।

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