कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण एवं किसानों के हित में समन्वित कार्ययोजना पर हुई विस्तृत चर्चा

जयपुर। राजस्थान के पाँचों राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े से शिष्टाचार भेंट की, प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा तथा कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से भी शिष्टाचार भेंट कर राज्य में कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कृषि प्रसार, तकनीकी हस्तांतरण एवं किसानों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों की प्रमुख उपलब्धियों, भावी कार्ययोजनाओं तथा किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।
राजभवन में माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े से हुई भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं कृषि प्रसार गतिविधियों, गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा, जलवायु-स्मार्ट कृषि, डिजिटल तकनीकों के उपयोग, आधुनिक अनुसंधान परियोजनाओं, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कृषि वैज्ञानिकों की उपलब्धियों तथा किसानों एवं युवाओं के लिए संचालित प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही विश्वविद्यालयों के मध्य समन्वय, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एकरूपता तथा कृषि शिक्षा को राष्ट्रीय एवं वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के प्रयासों से भी अवगत कराया।
माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार का अंतिम उद्देश्य किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं प्रतिस्पर्धी बनाना होना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान को जनहित से जोड़ने, विद्यार्थियों में नवाचार एवं उत्कृष्टता की भावना विकसित करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के सभी कृषि विश्वविद्यालय समन्वित प्रयासों से राजस्थान की कृषि को नई दिशा देने तथा किसानों की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
साथ ही 5 कृषि विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान को किसानों की आवश्यकताओं से जोड़ने, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन एवं प्रिसीजन फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग, जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि तकनीकों के विकास तथा कृषि शिक्षा को रोजगार, स्टार्टअप, नवाचार एवं कृषि उद्यमिता से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्मों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, मूल्य संवर्धन, कौशल विकास, कृषक प्रशिक्षण तथा किसानों तक नवीन तकनीकों के प्रभावी हस्तांतरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालयों के मध्य बेहतर समन्वय, किसान-केंद्रित अनुसंधान तथा नवीन तकनीकों के प्रभावी विस्तार पर बल दिया तथा राज्य सरकार की ओर से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि प्रसार गतिविधियों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कुलगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्य में कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, बागवानी विकास, कृषि विविधीकरण तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों, जलवायु-स्मार्ट कृषि तकनीकों, डिजिटल कृषि, कृषि यंत्रीकरण, बीज उत्पादन तथा कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय राज्य के कृषि विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं उपयोगी तकनीकों का विकास करें तथा अनुसंधान का लाभ प्रत्येक किसान तक पहुँचाने के लिए कृषि प्रसार तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाएं।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु एवं कुलगुरु समन्वय समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ आर. बी. दूबे, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ प्रताप सिंह, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ वी. एस. जैतावत तथा कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरु प्रोफेसर डॉ विमला डुकवाल उपस्थित रहे।
रिएक्ट करें
♥️ 👍 👎 😊 🌸
जागरूक जनता व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें
https://whatsapp.com/channel/0029VabCX4VDOQIUcf0b4w14
जागरूक जनता Facebook Page को फॉलो करें
https://www.facebook.com/jagrukjantanews/
जागरूक जनता Instagram Page को फॉलो करें
https://www.instagram.com/jagruk_janta/
जागरूक जनता WhatsApp Group को Join करें…
https://chat.whatsapp.com/I7ImEiiBWrJIRP9LTTv2hG
जागरूक जनता के youtube पेज को सब्सक्राइब जरूर करें
https://www.youtube.com/@jagrukjantahindinewspaper7414


