यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा, टेरर फंडिंग केस में हुआ जुर्म का हिसाब, कश्मीर में कड़ी सुरक्षा

  • दिल्ली में यासीन मलिक पर फैसले के बीच श्रीनगर के कुछ हिस्सों में शटडाउन देखा गया। शहर के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं। हालांकि, इस दौरान सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही जारी रही।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी और पूर्व आतंकवादी यासीन मलिक को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में यह सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद यासीन मलिक चुपचाप बैठा रहा। यासीन मलिक को सजा के बीच कश्मीर घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और यासीन मलिक के घर पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। यही नहीं अदालत परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी और फैसले से पहले डॉग स्क्वॉड के जरिए निगरानी की गई। यासीन मलिक पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने, टेरर फंडिंग करने, आतंकी साजिश रचने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे आरोपों में कई मामले दर्ज हैं। भारतीय वायुसेना के 4 निहत्थे अफसरों, पूर्व होम मिनिस्टर मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी के अपहरण समेत कई अन्य मामलों में भी यासीन मलिक आरोपी है।

एनआईए ने टेरर फंडिंग में दोषी ठहराए गए यासीन मलिक को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की थी। एनआईए ने कहा कि यासीन मलिक ने जिस के जुर्मों को अंजाम दिया था, उसे देखते हुए मलिक को फांसी से कम की सजा नहीं दी जानी चाहिए। यासीन मलिक ने केस की सुनवाई के दौरान खुद भी अपना गुनाह कबूल किया था और वकील भी वापस कर दिया था। यासीन मलिक की सजा के ऐलान से पहले पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही।

यासीन मलिक ने कहा- एक हफ्ते से हिंसा से दूर हूं
सुनवाई के दौरान यासीन मलिक ने कहा कि मैं एक दशक से ज्यादा वक्त से हिंसा से दूर हूं। यासीन के वकील फरहान ने कहा, ‘मैंने देश के 7 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया था। यहां तक कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने ही उनका पासपोर्ट बहाल किया था।’ यासीन मलिक के वकील ने कहा कि जब उन्होंने साफगोई से अपने गुनाहों को कबूल कर लिया है और हिंसा का रास्ता छोड़ दिया था तो फिर उन्हें सजा देने में नरमी बरती जानी चाहिए।

यासीन मलिक पर फैसला आज, श्रीनगर में शटडाउन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली में यासीन मलिक पर फैसले के बीच श्रीनगर के कुछ हिस्सों में शटडाउन देखा गया। शहर के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं। हालांकि, इस दौरान सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही जारी रही। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि कानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा अधिकारियों को तैनात किया गया है। यासीन मलिक ने अलगाववादी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की भी स्थापना की थी। यासीन मलिक पर टेरर फंडिंग के अलावा कई हत्याओं और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के भी आरोप हैं।

मलिक के पैतृक आवास के पास बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि शहर के अधिकांश हिस्सों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर हालांकि यातायात सामान्य रहा। इसके साथ ही शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मलिक के पैतृक निवास मैसुमा इलाके में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। घाटी में अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। हालांकि कुछ अन्य हिस्सों में आंशिक रूप से बंद की रिपोर्ट सामने आ रही हैं।

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