लम्बे समय से आईओसीएल पाइपलाइन से तेल चोरी का जिम्मेदार कौन..?

  • रोहिड़ा थाने के भारजा क्षेत्र से आईओसीएस पाइपलाइन से तेल चोरी से जुड़ा मामला
  • एसओजी एएसपी बोले जल्द पूरी करेंगे जांच, अबतक जांच में काफी चीजें की हासिल
  • पूरे मामलें की हुई निष्पक्ष जांच तो गिर सकती है कई जिम्मेदारों पर गाज..?
  • आखिर लम्बे समय से चल रहे इस गोरखधंधे की राज्य व देश के खुफिया विभाग को क्यो नहीं लगी भनक..?

सिरोही (तुषार पुरोहित @ जोधपुर संभाग ब्यूरो) | रोहिड़ा थाना के भारजा गांव से गुजर रहीं आईओसीएल पाइपलाइन पर वॉल लगाकर तेल चोरी का मामला 16 जनवरी 2021 को सामने आया था। उसके बाद मानो ज़िले में हड़कंप मच गया। सिरोही पुलिस ने अपनी जांच में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि सवाल यह उठता है कि लंबे समय से चल रहें इस गोरखधंधे में क्या दो लोगो द्वारा ही पाइपलाइन से तेल चोरी किया जा रहा था। जो जिलेभर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिरोही पुलिस से एसओजी ने तलब की फाइल :-

पूरे मामले की जांच अब एसओजी एटीएस के डीजी अशोक राठौड़ के निदेश पर एसओजी एएसपी कमल सिंह के नेतृत्व में चल रहीं है। प्राप्त जानकारी अनुसार एसओजी ने जांच में काफी चीजें हासिल की है, और जल्द जांच पूरी होने की संभावना है। वही एसओजी के उच्च अधिकारी भी मौके का जल्द मुयायना करेंगे।

निष्पक्ष जांच की दरकार :-

जब पूरे मामलें का खुलासा हुआ तब सिरोही पुलिस द्वारा जो जांच की गई है, उसमे सिर्फ़ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि सूत्रों का दावा है कि लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे में कई जिम्मेदारों की कार्यशैली भी सन्देह के दायरे में है। साथ ही इतने बड़े अपराध को केवल दो लोगो द्वारा अंजाम देने की बात शायद ही किसी के जहन में भी उतरे। ऐसे में बेहद आवश्यक है कि एसओजी पूरे मामलें की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कठोर काईवाई करें। ताकि निकट भविष्य में ऐसे गम्भीर अपराधो पर अंकुश लग सके। ओर इस गम्भीर अपराध को पनाह देने वाले और करने वालो को सबक भी।

जवाब मांगते सवाल :-

आईओसीएल पाइपलाइन से वॉल लगाकर तेल चोरी का मामला गम्भीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें आजीवन कारावास तक कि सजा का प्रावधान है। फिर सिरोही ज़िले में चल रहें इस अवैध कारोबार की भनक जिम्मेदारों को क्यो नही लगी..? या पूरे मामलें में जिम्मेदारो की भी आपसी सांठगांठ थी जिसकी वजह से चुप्पी साधे बैठे थे..? साथ ही पुलिस का खुफिया तंत्र व देश व राज्य की खुफिया एजेंसी को भी आखिर इसकी भनक क्यो नही लगी..? क्या इस पूरे कारोबार के तार उच्च लेवल तक जुड़े हुए थे..? इसलिए सब दवाब में थे..? अब इस गोरखधंधे का मामला सामने तो आ गया है परन्तु जांच के नाम पर कई खानापूर्ति तो नहीं होगी..? या सिर्फ जांच के नाम पर खानापूर्ति करके फाइल को आलमारी में दहन किया जाएगा..? यह देखने वाली दिलचस्प बात रहेगी।

हमनें जांच शुरू कर दी है, वही अबतक जांच में काफी चीजें हासिल की है। मौका मुआयना कर जल्द जांच पूरी की जाएगी।
कमल सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसओजी”

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