आसाराम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम Court पहुंची रेप पीड़िता, रद्द करने की मांग

आसाराम को राजस्‍थान हाईकोर्ट ने स्‍वास्‍थ्‍य कारणों और उम्र के आधार पर 29 अक्टूबर को 6 महीने की जमानत दी थी. इसके बाद 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी जमानत दे दी थी.

आसाराम को 6 महीने की जमानत म‍िलने के ख‍िलाफ पीड़‍िता सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. उसने आसाराम की जमानत रद्द करने की मांग की है. राजस्‍थान हाई कोर्ट के फैसले के बाद गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को 6 महीने के लिए जमानत दी है.वे हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं. आसाराम की उम्र 86 वर्ष है, और उन्हें इलाज कराने का अधिकार है.

गुजरात हाई कोर्ट ने भी दी जमानत
गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम को अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि आसाराम की चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए जोधपुर हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, इसलिए गुजरात हाई कोर्ट अलग रुख नहीं अपना सकता. यदि राजस्थान सरकार इस जमानत को चुनौती देती है, तो गुजरात सरकार भी ऐसा कर सकेगी

पीड़िता के वकील ने दी दलील- कोई तकलीफ नहीं
पीड़िता के वकील पक्ष ने कहा था कि ऐसी परिस्थितियों में भी आसाराम अहमदाबाद, जोधपुर, इंदौर आदि स्थानों पर घूमते रहे हैं. उन्होंने कभी किसी अस्पताल में लंबी अवधि का इलाज नहीं लिया. वे ऋषिकेश से महाराष्ट्र तक घूमे हैं. जोधपुर में आयुर्वेदिक उपचार जारी है, और उन्हें कोई तकलीफ नहीं है.

आसाराम ने सत्संग की मांगी थी छूट
आसाराम ने अंतरिम जमानत के दौरान लगाई गई सख्त शर्तों में छूट मांगी थी. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद आसाराम ने सत्संग करने, आश्रम में प्रवचन देने और अनुयायियों से मिलने-जुलने की अनुमति मांगी थी. लेकिन, हाईकोर्ट ने आसाराम को इसके लिए छूट देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने आसाराम के एक और अनुरोध पर अभी फैसला नहीं सुनाया है, जिसमें उसने हर वक्त पुलिस पहरे से छूट मांगी थी.

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