जिलाध्यक्ष सारस्वत-गहलोत सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई शहरी सरकार को हटाकर घोर कृत्य कर रही है

जिलाध्यक्ष सारस्वत-गहलोत सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई शहरी सरकार को हटाकर घोर कृत्य कर रही है

बीकानेर@जागरूक जनता। जयपुर नगर निगम महापौर एवं पार्षदों के निलंबन को लेकर भारतीय जनता पार्टी बीकानेर देहात द्वारा जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत के नेतृत्व में कृषि मण्डी से भीमसेन चौधरी सर्किल तक पैदल मार्च निकल कर विरोध प्रदर्शन किया। जिसमे पुर्व संसदीय सचिव डॉ विश्वनाथ मेघवाल महामंत्री कुंभाराम सिद्ध जिला पदाधिकारी जनप्रतिनिधि व भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए प्रदर्शन के दौरान सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्तओं के हाथों में तख्तियां एवम बीजेपी के झंडे लगे हुए थे। और उन पर लिखा हुआ था ।,”गहलोत सरकार होस में आओ होस में आओ, गहलोत तेरी दादागिरी नही चलेगी नही चलेगी,मेयर सोम्या गुर्जर एवं तीनों पार्षदों  का निलंबन बापस लो बापस लो आदि अनेक प्रकार के सिलोगन लिखे हुए थे और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा चुनी हुई शहरी सरकार के निलंबन का विरोध करते हुए नारे लगाए ।

जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जयपुर नगर निगम की महापौर  तथा पार्षदों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर निलंबित कर कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है । स्पष्ट रूप से राज्य सरकार ने कानून का दुरूपयोग किया है। यह इससे भी स्पष्ट है कि राजस्थान के अलवर शहर में कांगे्रस समर्थित नगर पालिका व सभापति है जिनके विरूद्ध कोतवाली अलवर में प्रथम सूचना रिपोर्ट नं. 471/2020 इस आषय की दर्ज कराई गई थी कि उन्होंने अपने कक्ष में बुलाकर अधिकारी के चाटा मार दिया। उक्त घटना की जाँच कराकर राज्य सरकार ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत जाँच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही हेतु पत्रावलि जिला एवं सत्र न्यायाधीष कैडर के अधिकारी को सौंप दी लेकिन वहाँ सभापति को आज तक निलम्बित नहीं किया गया। इससे राज्य सरकार की दुर्भावना व कानून का दुरूपयोग स्पष्ट है। इसके अतिरिक्त जयपुर की जाँच रिपोर्ट के अध्ययन मात्र से ही यह स्पष्ट है कि यदि इस जाँच रिपोर्ट को समग्र रूप से पढा जाऐं तो सिर्फ धक्का-मुक्की होने का कथन ही सामने आता है। फिर भी निलंबन की कार्यवाही राज्य सरकार की स्पष्ट दुर्भावना दर्शाता है। पूर्व संसदीय सचिव डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने कहा नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस जीत नहीं पाई उसी की बौखलाहट इस कदम में साफ झलकती है  चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने बार-बार परिसीमन करने बार बार चुनाव स्थगित करने सरकारी मशीनरी के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश करने के बावजूद भी असफल होने पर तानाशाही करने का काम राजस्थान की कांग्रेस सरकार कर रही है   पहले नगर निगम की कमेटियां भंग की न्यायालय ने उन्हें पुनः बहाल किया इसी तरह प्रदेश की अन्य नगर पालिका नगर परिषद और नगर निगम में सरकार का दुरुपयोग कर चुने हुए बोर्ड भंग करने की कोशिश की थी   । थोड़े दिन पहले इसी तरह तानाशाह सरकार ने मेयर के मना करने के बावजूद लॉकडाउन में ही दलितों की बस्ती उजाड़ दी थी उन्होंने कहा कि एक कंपनी के साथ मिलकर सरकार भ्रष्टाचार करना चाहती है इसलिए चुने हुए निकायों को भंग करने की अलोकतांत्रिक कोशिश कर रही है भारतीय जनता पार्टी सड़क पर सदन में और न्यायालय में सरकार के इस तानाशाह रवैए के खिलाफ पुरजोर लड़ाई लड़ेगी। राज्य सरकार से हमारी मांग है कि पारित आदेश दिनांक  6.06.2021 को अपास्त किया जाकर महापौर डाॅ. सौम्या गुर्जर व पार्षद अजय सिंह चैहान, पारस जैन व शंकर शर्मा का निलम्बन बहाल किया जावे व दोषी अधिकारियों व राज्य सरकार के विरूद्ध कानून के तहत कार्यवाही की जावें।

Date:

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शिक्षा, सेवा और संकल्प का नाम: डॉ. राजकुमार

आबूरोड़. माधव विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राजकुमार उन शिक्षाविदों...

Jagruk Janta Hindi News Paper 25 Febuary 2026

Jagruk Janta 25 Febuary 2026Download जागरूक जनता व्हाट्सएप चैनल को...