कांग्रेस ने संविधान की हत्या कर आपालकाल लगाया और लोकतंत्र को कुचलने का किया कार्य-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

  • आपातकाल में भारत माता की जय बोलने वालों तक को जेल में बंद किया, और आज ये कांग्रेसी नेता संविधान बचाने की दे रहे है दुहाई :— मदन राठौड़
  • संविधान हत्या दिवस और लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने की शिरकत

जयपुर। भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय संविधान हत्या दिवस एवं लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह शहर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि “25 जून 1975 को संविधान की हत्या कर आपातकाल लागू किया गया, जिसने लोकतंत्र को कुचलने का काम किया। लोकतंत्र सेनानियों ने कई माह तक जेल में यातनाएं सहकर लोकतंत्र की रक्षा की। आपातकाल हमारे लोकतंत्र पर काला धब्बा था। 1 लाख 40 हजार से अधिक सेनानियों को 19 माह जेल में रखा गया, हजारों परिवार टूट गए, बिखर गए थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने आपातकाल काल के सेनानियों को पेंशन के रूप में ₹20,000 प्रतिमाह की सुविधा दी है एवं राज्य सरकार द्वारा सम्मान निधि के माध्यम से उनकी सेवाओं को मान्यता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि “आज संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य केवल अतीत में झुकना नहीं, बल्कि यही चेतावनी है कि लोकतंत्र के साथ समझौता किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जातिवाद, परिवारवाद भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति की है। देश की आजादी में हर देशवासी का योगदान रहा है। आजादी के बाद गांधी जी ने यहां तक कह दिया था कि कांग्रेस के नेतृत्व में देश को आजादी मिली. क्यों न इसे अब समाप्त किया जाए, लेकिन कांग्रेस ने देश के टुकड़े करने का काम किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला न मानकर इंदिरा गांधी ने आज के दिन 1975 को आपातकाल लगाया था। विपक्षी नेता, पत्रकार और विरोधियों को ठूंसकर जेल में डाला गया, इस काली रात को कोई कैसे भूल सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि 1971 में इंदिरा गांधी ने सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर चुनाव लड़ा था। सरकारी कर्मचारी को चुनाव एजेंट बनाया। इसके बाद इनके चुनाव को कोर्ट में चुनौती दी गई तो कोर्ट ने 12 जून 1975 को उन्हें अयोग्य ठहराया, लेकिन उन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया बल्कि देश की संसदीय प्रक्रिया को अक्षम किया। राठौड़ ने कहा कि 25 जून की रात इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति को विवश कर आपातकाल लागू करवाया। विपक्षी नेताओं को रात में ही गिरफ्तार कर घोर यातनाएं दी गईं। इतना ही नहीं, लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। धारा 38 एवं 39 जैसे विधेयकों से मौलिक अधिकारों को निलंबित किया गया। इस तानाशाही को तोड़ने के लिए जनता पार्टी का गठन हुआ और 1977 के चुनाव में कांग्रेस को निर्णायक हार झेलनी पड़ी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि देश से इस निरंकुश सरकार को हटाने के लिए जनता पार्टी का गठन किया गया था। एक दौर था जब देश में भारत माता की जय बोलने वालों तक को जेल में बंद कर दिया गया और आज ये कांग्रेसी नेता संविधान बचाने की दुहाई दे रहे है। भाजपा सरकार में मीसा बंदियों को सम्मान राशि शुरू की गई, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद इस सम्मान को ही बंद करने का काम किया, लेकिन फिर भाजपा सरकार आई फिर से सम्मान निधि शुरू की गई इसके बाद फिर कांग्रेस ने मीसा बंदियों को यातनाएं देते हुए उनके सम्मान के हक को मारने का काम किया। लेकिन अब भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों को फिर से सम्मान राशि शुरू कर दी। आज कांग्रेस संविधान बचाओ अभियान चला रही है जबकि कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया है। कार्यक्रम में मंच पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद घनश्याम तिवाडी, विधायक गोपाल शर्मा भी उपस्थित रहे।

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