महेंद्र सिंह मेवाड़ की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा, CM भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

महेंद्र सिंह मेवाड़ की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा, CM भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

नाथद्वारा से विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ के पिता व राजसमंद सांसद महिमा सिंह के ससुर महेंद्र सिंह मेवाड़ की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा।

उदयपुर. उदयपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन से शोक का माहौल है। उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें भी रही है, जिन्हें याद किया जाता रहेगा। महेंद्र सिंह शिक्षाविद और खिलाड़ी भी रहे हैं, वहीं राजनीति में भी उनकी गहरी रुचि थी। वे नाथद्वारा से विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ के पिता व राजसमंद सांसद महिमा सिंह के ससुर हैं।

सोमवार को उनकी अंतिम यात्रा में जनसमुदाय उमड़ पड़ा। मार्ग में जगह जगह पुष्पांजलि और अंतिम दर्शन के लिए लोगों की मौजूदगी रही। पुराने शहर में मार्ग में खड़े लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के सहित भाजपा नेताओं ने समोर बाग पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

सांस लेने में हुई थी तकलीफ
बताया गया कि दस दिन पहले महेंद्र सिंह को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। वृद्धावस्था कारण वे पिछले कुछ समय से चलने में भी असहज महसूस कर रहे थे। बढ़ती उम्र से स्वास्थ्य में गिरावट के कारण वे महीनेभर से आवास पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। उन्होंने एक-डेढ़ साल से विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी भी कम कर दी थी।

मेवाड़ का शिक्षा पर रहा विशेष जोर
महेंद्र सिंह मेवाड़ की पहचान एक शिक्षाविद् के तौर पर भी रही है। वे विद्या प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष और संरक्षक थे। उन्होंने मेयो कॉलेज अजमेर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। उस समय उनकी खेल में भी रुचि थी और वे खिलाड़ी थे। उन्होंने सरकारी कॉलेज अजमेर से बीएड की पढ़ाई भी पूरी की।

…और फिर बना ली दूरी
कांग्रेस ने उनको चित्तौडग़ढ़ से ही टिकट दिया, लेकिन भाजपा से जसवंत सिंह 18418 वोट से जीत गए थे। कांग्रेस ने महेंद्रलसिंह को दूसरी बार 1996 के लोकसभा चुनाव में भीलवाड़ा से टिकट दिया, लेकिन वहां पर भी भाजपा के सुभाष बहेडिय़ा ने जीत हासिल कर ली। दो बार हार के बाद महेंद्रसिंह ने राजनीति से दूरी बना ली।

यह है पारिवारिक पृष्ठभूमि
महेंद्र सिंह के निधन पर परिवार शोक मग्न हैं। परिवार में पत्नी निरुपमा कुमारी, पुत्र विश्वराज सिंह नाथद्वारा से विधायक और पुत्र वधु महिमा कुमारी राजसमंद से सांसद हैं। बेटी त्रिविक्रमा कुमारी है। स्वास्थ्य खराब होने की सूचना से पुत्री और दामाद पिछले दिनों से उदयपुर आए हुए थे। महेंद्रसिंह, मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा भगवत सिंह के ज्येष्ठ पुत्र थे। दूसरे पुत्र अरविंद सिंह मेवाड़ हैं।

राजनीति को भी आजमाया
महेंद्रसिंह मेवाड़ की राजनीति में भी गहरी रुचि थी। वे 1989 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से चित्तौडग़ढ़ से चुनाव लड़कर सांसद बने थे। उन्होंने 1 लाख 90 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में महेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए।

एलिट क्लब के आजीवन अध्यक्ष
शहर में एक मात्र एलिट क्लब, 83 वर्ष पुराने फील्ड क्लब का गठन सन 1931 में आजादी से पहले हुआ था। क्लब के लिए जमीन तत्कालीन महाराणा भूपाल सिंह ने निशुल्क उपलब्ध कराई थी। क्लब के अध्यक्ष पद पर कभी चुनाव नहीं होते हैं। महेंद्र सिंह मेवाड़ इसके आजीवन अध्यक्ष थे। क्लब में जाने-माने परिवार के 3000 लोग जुड़े हुए हैं।

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