PM मोदी की हुंकार रैली में ब्लास्ट के 3 दोषियों को फांसी, 2 को उम्रकैद की सजा

पटना। पटना के गांधी मैदान बम ब्लास्ट मामले में दोषी पाए गए नौ आरोपितों को एनआईए कोर्ट ने सोमवार को सजा सुना दिया। एनआईए कोर्ट ने तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं दो आरोपियों को उम्रकैद और दो को 10 साल की सुनाई है। इसके अलावा एक आरोपी को सात वर्ष की सजा सुनाई गई है।

गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर सीरियल बम ब्लास्ट 27 अक्टूबर 2013 को हुआ था। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और 89 लोग घायल हुए थे। आठ साल बाद इस मामले में फैसला आया है। बता दें कि बुधवार को कोर्ट ने मुख्य छह आरोपित को देशद्रोह, आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या का प्रयास, यूएपीए एक्ट की धारा में दोषी करार दिया था। अन्य तीन दोषी पाए गए। एक को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

रांची और रायपुर में रची गई थी बम ब्लास्ट की साजिश
नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान गांधी मैदान सीरियल बम ब्लास्ट की साजिश रांची और रायपुर में रची गई थी। इसका रिहर्सल भी किया था। बोधगया में सात जुलाई 2013 को ब्लास्ट के बाद ही पटना के गांधी मैदान में ब्लास्ट की योजना इंडियन मुजाहिद्दीन के जिहादियों ने बनाई थी। बोधगया ब्लास्ट का मास्टरमाइंड हैदर अली और मोजिबुल्लाह थे। बोधगया बम ब्लास्ट में हैदर ने बौद्धभिक्षु बनकर बम प्लांट किये थे। इसके बाद गांधी मैदान में मोदी की रैली में ब्लास्ट को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने विस्फोटक पदार्थ का जुगाड़ कर रांची में जमा किया।

घटना को अंजाम देने के लिए आठ आतंकी सुबह में ही बस के जरिए रांची से पटना पहुंचे थे। अपनी योजना के अनुसार अलग-अलग होकर काम करने लगे। इस बीच पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दस के शौचालय में मानव बम बनते समय एक विस्फोट हो गया। इसमें एक आतंकी की मौत हो गई थी। पटना जंक्शन पर ब्लास्ट करते समय पकड़े गए मो. इम्तियाज से पूछताछ में रांची से तार जुड़े मिले। इसके बाद एनआईए ने रांची के हिंदपीढ़ी और सीठियो में छापेमारी की थी। इसके अलावा रायपुर में भी आरोपितों ने प्रशिक्षण लिया था। रायपुर से ही उमर सिद्दकी और अजहरूद्दीन की गिरफ्तारी हुई थी। यही पर नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर विस्फोट करने की योजना बनी थी। रांची में इसे अंजाम देने की कार्ययोजना बनी।

हैदर बना था रांची मॉड्यूल का इंचार्ज
गांधी मैदान सीरियल बम ब्लास्ट और बोधगया ब्लास्ट मामले का मुख्य साजिकर्ता आतंकी मो. हैदर को रांची मॉड्यूल का इंचार्ज बनाया गया था। उसे ही जवाबदेही दी गयी थी कि वह कुछ और युवकों को जोड़कर मॉड्यूल तैयार करे। हैदर इस सिलसिले में तेजी से काम कर रहा था। 24 मई 2014 को हैदर, मजबुल्ला रांची से और नुमान और तौकीर पलामू से पकड़े गए थे। रिमांड पर लिए गए हैदर और मजबुल्ला से जब पूछताछ की गयी तो इन सबों ने बड़े खुलासे किए। इसके बाद ही एनआईए की टीम दोनों को लेकर रांची पहुंची। उसी की निशानदेही पर बम बरामद हुए और कर्बला इलाके में पड़े छापा में एक व्यक्ति के यहां से सर्किट मिला था।

Date:

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

रामजी का गोल School का जर्जर भवन गिराने की तैयारी, 3 दिन में मांगी आपत्तियां

गुड़ामालानी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामजी का गोल परिसर...

4 दिन में ही हिलने लगा लाखों का Open जिम..!

झाडोली में निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, गंदगी...

आयुषमा ‘पद्म श्री गौरव सम्मान अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित

सेलिब्रिटी ज्योतिषी आयुषमा दीक्षित को 'मंत्रचित्र स्पिरिचुअल हीलिंग काउंसिल'...

नगरीय निकाय चुनाव-2026 के मद्देनजर Jaipur जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू

सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के प्रदर्शन एवं भड़काऊ प्रचार...