अजमेर उर्स: मोदी ने भेजी केसरिया चादर, खादिम बोले खुशआमदीद…यह मेरे ख्वाजा का रंग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बसंत पंचमी पर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में उर्स के मौके पर केसरिया रंग की मखमली चादर भेजकर सभी का दिल जीत लिया।

अजमेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बसंत पंचमी पर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में उर्स के मौके पर केसरिया रंग की मखमली चादर भेजकर सभी का दिल जीत लिया। खादिमों ने कहा, खुशामदीद… यह ख्वाजा साहब का पसन्दीदा, चिश्तिया रंग है। यह सौहार्द और अमन का प्रतीक है। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे बसंती रंग कहा तो तालियां गड़गड़ा उठीं।

प्रधानमंत्री मोदी पिछले 7 वर्षों से ख्वाजा साहब के उर्स में चादर भेजकर हाजिरी लगा रहे हैं। इस बार भी उनकी चादर लेकर केन्द्रीय मंत्री नकवी मंगलवार को दरगाह पहुंचे। सुनहरे वर्क वाली केसरिया रंग की चादर उनके हाथ में देखकर दरगाह में मौजूद लोगों ने खुशी जताई। उन्होंने इसे चिश्तिया और बसंती रंग बताया।

बसंत इसलिए खास: दरगाह में पेश होता है, पहनावे में भी शुमार

अजमेर दरगाह में हर साल बसंत पेश करने की परम्परा है। इसमें अमीर खुसरो के लिखे ‘आज बसंत मना ले सुहागिन…’, ‘ख्वाजा मोइनुद्दीन के दर आज आती है बसंत…’ आदि बसंत के गीत गाए जाते हैं। शाही कव्वाल असराह अहमद मजार शरीफ पर बसंत के फूलों का गुलदस्ता पेश करते हैं। इस बार दरगाह में गुरुवार को बसंत पेश किया जाएगा।

  • दरगाह में खादिमों के पहनावे में केसरिया (चिश्तिया) रंग देखा जा सकता है। अधिकतर खादिमों के गले में इसी रंग का दुपट होता है। दरगाह दीवान व उनके पुत्र इसी रंग का चोला पहनते हैं।

किसने क्या कहा

चिश्ती रंग
सौहार्द-भाईचारा हमारे देश का डीएनए है। इसे कोई भी ताकत नुकसान नहीं पहुंचा सकती। बसंत पंचमी पर प्रधानमंत्री मोदी ने बसंती चादर भेजी है। यह चिश्ती रंग है, जो चिश्तियों को बेहद पसंद है।

  • मुख्तार अब्बास नकवी, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री

श्रद्धा का प्रतीक
मोदी ने जिस रंग की चादर भेजी है, वह ख्वाजा साहब का ही रंग है। ख्वाजा साहब ने चिश्तिया रंग में यह पसंद किया है। ख्वाजा साहब यहां आए तब इस रंग को लोग श्रद्धा से देखते थे।

  • मोइन हुसैन, सदर, अंजुमन सैयदजादगान

अमन-शान्ति का सन्देश
प्रधानमंत्री की ओर से भेजी गई चादर चिश्तिया सिलसिले के रंग की है। उन्होंने इस रंग की चादर भेजकर अमन और शान्ति का संदेश दिया है। तिरंगे में भी यह रंग शामिल है।

  • नसीरुद्दीन चिश्ती, चेयरमैन, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन कौंसिल

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