निकाय चुनाव में सबसे बड़ा झटका बाप को लगा. पार्टी के तीन विधायक और एक लोकसभा सांसद हैं, फिर भी उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली.

जयपुर: प्रदेश में 309 नगरीय निकायों में हुए चुनाव का परिणाम सोमवार को जारी हो गया. मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा. 309 नगरीय निकायों के 10244 वार्डों में से भाजपा सर्वाधिक 4179 और कांग्रेस 3613 वार्डों में विजयी रही. निर्दलीयों ने भी 2273 वार्ड में कब्जा जमाया है. कई निकाय ऐसे भी हैं, जहां निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में हैं.
इस बार क्षेत्रीय दलों ने भी निकाय चुनाव में अपना दमखम दिखाया है. निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी, बसपा, आरएलपी, माकपा, बाप और एआईएमआईएम जैसे क्षेत्रीय दलों ने भी अपने प्रत्याशी उतार कर भाग्य आजमाया था. हालांकि, दिलचस्प है कि आम आदमी पार्टी बारां नगर परिषद में बोर्ड बनाने की स्थिति में आ गई है. इसी तरह माकपा बीकानेर के नोखा में बोर्ड बनाने की स्थिति में है. ऐसे में प्रदेश के दो निकायों में क्षेत्रीय दलों के बोर्ड बनना तय है.
किस क्षेत्रीय दल ने कितनी सीटें जीतीं ?: चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्रीय दलों में आरएलपी ने सर्वाधिक 63 सीटें जीती है. दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी है, जिसने 42 सीटें जीती है. माकपा 38, बसपा 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने 8 सीटें जीती है.
बाप का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं: निकाय चुनाव में सबसे बड़ा झटका भारत आदिवासी पार्टी (बाप) को लगा है. भारत आदिवासी पार्टी को आदिवासी अंचल में मजबूत माना जा रहा था, क्योंकि यहां पार्टी के तीन विधायक और एक लोकसभा सांसद हैं. उसके बावजूद भारत आदिवासी पार्टी को यहां अपेक्षित सफलता नहीं मिली. भारत आदिवासी पार्टी को सागवाड़ा में 4, डूंगरपुर में 3 और सलूंबर में 1 सीट मिली है.
क्षेत्रीय दलों को किस नगर पालिका में कितनी सीटें ? :
आप पार्टी: बारां-31, झालरापाटन-5, पिड़ावा-5, झालावाड़-1.
आरएलपी: केकड़ी-2, लक्ष्मणगढ़-1, ब्यावर-4, रायपुर-4, गुलाबपुरा-1, बीकानेर-1, नापासर-2, राजलदेसर-2, बोरावड-2, डीडवाना-1, खाटू खुर्द-1, लाडनूं-1, बगरू-1, दूदू-1, फागी-1, वाटिका-2, भोपालगढ़-2, जोधपुर-1, बसनी-13, जायल-1, मेड़ता सिटी-1, मेड़ता रोड-2, मूंडवा-7, नागौर-1, रियांबड़ी-3, सादड़ी-1, खाटूश्यामजी-1, सीकर-1, माउंट आबू-1.
माकपा : नोखा-29, श्रीडूंगरगढ़-1, सूरतगढ़-1, हनुमानगढ़-1, टिब्बी-1, उदयपुरवाटी-1, धोद-1, लोसल-1, पलसाना-1, उदयपुर-1.
बसपा: अलवर-1, छबड़ा-2, भरतपुर-1, लवाण-1, महवा-1, बृजनगर-1, बाड़ी-2, धौलपुर-3, राजाखेड़ा-1, सैंपऊ-3, सांभर-1, करौली-1, भिवाड़ी-1.
AIMIM ने खाता खोला: हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी निकाय चुनाव में अपना खाता खोला है. एआईएमआईएम ने जयपुर नगर निगम के वार्ड 146 में जीत दर्ज की है.
क्षेत्रीय दलों के लिए अच्छा संकेत: राजनीतिक विश्लेषक योगेश शर्मा का कहना है कि निकाय चुनाव में जिस तरह से क्षेत्रीय दलों ने अपनी दस्तक दी है और कई निकायों के वार्डों में जीत दर्ज की है, उससे भाजपा और कांग्रेस को चिंतित होना चाहिए, क्योंकि जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने बारां नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत लिया है, वह कहीं न कहीं दोनों ही दलों के लिए चिंता का सबब है.
हालांकि, राजस्थान में आमतौर पर सीधा मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही रहा, लेकिन इस बार क्षेत्रीय दलों को जिस तरह से आंशिक सफलता मिली है. उससे उनके हौसले बुलंद होंगे और आने वाले पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव में भी क्षेत्रीय दल पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे.


