‘ऊर्जा 2026’ के चौथे दिन संवाद, मूट कोर्ट और नृत्य से निखरा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और प्रतिभा

जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस की ओर से नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम ‘ऊर्जा 2026’ के चौथे दिन की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। इस अवसर पर ‘ऊर्जा’ की पीले रंग की थीम के अनुरूप सभी विद्यार्थियों ने पीले रंग के परिधान पहनकर खुशी, उत्साह, आशावाद और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु व डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी एवं डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर संस्था के निदेशक एवं मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को जीवन, ज्ञान और आत्म-विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सूत्रों से परिचित कराया। उन्होंने पांचों इंद्रियों के महत्व को समझाते हुए बताया कि ये हमारे अनुभव, समझ और सीखने का आधार हैं। विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण जैसी ज्ञान-दृष्टि विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने अपनी पुस्तकों ‘भगवद्गीता’ और ‘डिवाइन लव’ के संदर्भ में प्रेम, विचारों और ऊर्जा की शक्ति को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन की उच्चतम उपलब्धि के लिए डिवाइन लव आवश्यक है और इसमें मांगने की भावना नहीं होनी चाहिए। साथ ही, ड्रीम , बिलीव , विजुअलाइज का मंत्र देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, उन पर विश्वास करने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने एक विशेष गतिविधि के माध्यम से संकल्प, विश्वास और सबकॉन्शियस माइंड की शक्ति समझाई तथा सकारात्मक संकल्प को विश्वास के साथ मन में स्थापित कर लक्ष्यों की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रोफेसर सतीश हांडा ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्बल व नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन और टीमवर्क का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को हमेशा सच बोलने, अपनी क्षमताओं को पहचानकर उन पर निरंतर काम करने और स्वयं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, मेहनत और काबिलियत के दम पर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
इस अवसर पर आरजे सूफी ने विद्यार्थियों को अवेयरनेस और पॉसिबिलिटी क्रिएट करने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जागरूकता और सकारात्मक सोच से इम्यूनिटी के साथ-साथ सोचने और निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है। विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता और टीमवर्क की भावना विकसित करने के लिए उन्होंने ‘ताली और चुटकी’ की जुगलबंदी गेम भी करवाई।
बीजीसी के लॉ विभाग द्वारा आयोजित मूट कोर्ट सत्र में विद्यार्थियों ने रियल स्टोरी ‘जेसिका’ को प्रस्तुत करते हुए अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष और न्यायाधीश की भूमिकाएं निभाईं। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने न्यायिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया तथा उनकी तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और प्रभावी प्रस्तुतीकरण कौशल को विकसित करने का अवसर मिला।
वहीं, डांस क्लब के विद्यार्थियों ने शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित विद्यार्थियों और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
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