दिशा अमृत कौन हैं, गणतंत्र दिवस परेड पर नौसेना की टुकड़ी को जो करेंगी लीड, 15 साल पुराना सपना होगा साकार

Republic Day 2023: इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना का नेतृत्व एक महिला लेफ्टिनेंट करने वाली हैं। लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत, भारतीय नौसेना के 144 युवा नाविकों के गणतंत्र दिवस दल का नेतृत्व करेंगी यह झांकी ‘नारी शक्ति’ को बल में प्रदर्शित करेगी।

नई दिल्ली। भारत 26 जनवरी को अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। इस साल कर्तव्य पथ पर भारतीय नौसेना के गणतंत्र दिवस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत करेंगी। नौसेना के इस दल में 144 युवा नाविक शामिल होंगे। वह परेड में नौसेना की झांकी ‘नारी शक्ति’ को प्रदर्शित करेगी। अमृत के अलावा एक अन्य महिला अधिकारी, सब लेफ्टिनेंट वल्ली मीना एस, नौसैनिक दल के तीन प्लाटून कमांडरों में शामिल होंगी। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि कर्तव्य पथ पर परेड में तीन महिलाएं और पांच पुरुष अग्निवीर भी शामिल होंगे।

जानिए कौन हैं दिशा अमृत
29 वर्षीय लेफ्टिनेंट कमांडर अमृत नौसेना के हवाई संचालन अधिकारी हैं। अमृत 2008 में राष्ट्रीय कैडेट कोर की गणतंत्र दिवस टीम का हिस्सा थी। अधिकारी मैंगलुरु की रहने वाली हैं और 2016 में नौसेना में शामिल हुईं। उन्हें 2017 में अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक प्रमुख नौसेना सुविधा में तैनात किया गया है।

15 साल पुराना सपना होगा साकार
कर्नाटक के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर विज्ञान में इंजीनियरिंग स्नातक, 29 वर्षीय अमृत दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में सेना के तीनों अंगों में से एक के ‘मार्चिंग’ दल का हिस्सा बनने का सपना देखा था। उन्होंने कहा, 2008 के बाद से मैं सशस्त्र बलों के गणतंत्र दिवस दल का हिस्सा बनने का सपना देख रही थी।

2016 में नौसेना में शामिल हुई थीं
मैंगलुरु की रहने वाली अमृत 2016 में नौसेना में शामिल हुई थीं और 2017 में अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्थित एक प्रमुख नौसैन्य प्रतिष्ठान में तैनात हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, मैं डोर्नियर विमान की एविएटर हूं और विमान से उड़ानें भरती रही हूं।

आर्म्ड फोर्स में शामिल होना चाहते थे पिता
लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत ने कहा कि वह हमेशा सशस्त्र बलों का हिस्सा बनना चाहती थी और यह आंशिक रूप से उसके माता-पिता से भी प्रेरित थी। उन्होंने कहा, मेरे पिता भी सेवाओं का हिस्सा बनना चाहते थे, लेकिन नहीं बन सके। मुझे नौसेना का हिस्सा होने पर गर्व है और मैं पूरे जोश और समर्पण के साथ नौसेना की सेवा करना जारी रखूंगी। सेना में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर अमृत ने कहा कि मैं शारीरिक, भावनात्मक रूप से मजबूत हो गई हूं तथा अब मैं अधिक आत्म-संचालित हूं।

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