‘GNA का DNA Modi-fied हो चुका है’, आजाद के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस का करारा वार

Ghulam Nabi Azad resigns: दिग्गज कांग्रेसी गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने के ऐलान के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी में हलचल मच गया है. वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और दिग्विजय सिंह ने गुलाम नबी आजाद को वे दिन याद दिलाए हैं जब पार्टी में गुलाम नबी आजाद का सिक्का चलता था और वे गांधी परिवार के क्लोज सर्किल के नेताओं में गिने जाते थे.

जयपुर. सीनियर कांग्रेसी रहे गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने पर शुक्रवार को कांग्रेस के दिग्गजों ने गुलाम नबी आजाद पर चौतरफा हमला किया. कांग्रेस ने कहा है कि ये गुलाम नबी आजाद का धोखा है और ये उनके असल चरित्र को दिखाता है और यह भी बताता है कि GNA (गुलाम नबी आजाद) का DNA Modi-fied हो चुका है.

कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा कि ऐसे मौके पर गुलाम नबी आजाद का कांग्रेस का साथ छोड़ना दिखाता है कि उनका रिमोट कंट्रोल नरेंद्र मोदी के हाथ में है. इनके बीच का ‘प्यार’ संसद में भी देखने को मिला था. जयराम रमेश ने कहा, “पहले संसद में मोदी के आंसू, फिर पद्म विभूषण, इसके बाद उनके आवास के लिए समय में विस्तार. ये संयोग नहीं सहयोग है.

जयराम रमेश ने आगे ट्वीट कर कहा कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस नेतृत्व ने सबसे अधिक सम्मान दिया है, उसने अपने व्यक्तिगत हमलों से पार्टी को धोखा दिया है जो उसके असली चरित्र को प्रकट करता है और बताता है कि GNA का DNA Modi-fied हो गया है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुलाम नबी आजाद पर जमकर हमला बोला है. गहलोत ने कहा कि आज आजाद कह रहे हैं कि राहुल गांधी चाटुकारों से घिरे हैं जबकि जब हम संजय गांधी के साथ राजनीति कर रहे थे तो इन्हीं गुलाम नबी आज़ाद को संजय गांधी का चाटुकार कहा जा रहा था. गहलोत ने कहा कि हम उस वक्त संजय गांधी से सहमत नहीं होते हुए भी उनकी अगुआई में सत्ता से बाहर रखकर संघर्ष कर रहे थे और ये लोग संजय गांधी के सलाहकार थे. आज राहुल गांधी ठीक उसी तरह से अपने तरीके से कांग्रेस चलाना चाह रहे हैं तो गुलाम नबी आजाद को बुरा नहीं लगना चाहिए.

‘आजाद की शादी में गई थीं इंदिरा गांधी’

राजस्थान सीएम ने कहा कि इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राजीव गांधी सबने गुलाम नबी आजाद का साथ दिया. इंदिरा गांधी तो गुलाम नबी की शादी तक में श्रीनगर गई थीं. कश्मीर डिस्टर्ब हुआ तो दो बार उन्हें महाराष्ट्र से राज्य सभा में भेजा गया. गहलोत ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से धक्का लगा है कि गुलाम नबी आजाद ने ऐसे समय में इस्तीफ़ा दिया है जब सोनिया गांधी ईलाज के लिए विदेश गई हैं. पहले भी ये जी-23 बनाकर चिट्टी लिखे थे तब सोनिया जी बीमार थीं. उन्होंने जो किया ये मानवता के भी खिलाफ है.

हार जीत से बचाकर 5 बार राज्यसभा भेजा

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी गुलाम नबी आजाद के फैसले पर हैरानी जताई है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस ने संगठन और सरकार में अनेकों बार कई पदों से नवाजा. 2 बार लोकसभा सांसद बनाया, जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया. चुनाव की हार जीत से बचाकर 5 बार राज्यसभा सांसद बनाया, इसके बाद भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी. मुझे इस बात का बड़ा दुख है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पर गुलाम नबी आजाद के आरोप निराधार हैं. इसके अलावा उन्होंने जो इस्तीफा दिया और जो पत्र लिखा है उसकी वे घोर निंदा करते हैं.

पार्टी को कोई नुकसान नहीं-बघेल

वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि वह लगातार पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. कांग्रेस ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है. उन्हें कैबिनेट मंत्री और सीएम बनाया. उनके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा.

41 साल तक सत्ता का आनंद लिया

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी गुलाम नबी आजाद के फैसले पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा है कि गुलाम नबी आजाद ने 41 साल यानी कि 1980 से 2021 तक गांधी परिवार की चार पीढ़ियों के साथ सत्ता का आनंद लिया. वे 24 साल केंद्रीय मंत्री, 5 साल CM और 35 साल पार्टी के महासचिव रहे. अब गुलाम नबी आजाद को उसी नेतृत्व और दल में सभी दोष नज़र आने लगे हैं. सुरजेवाला ने कहा कि व्यक्ति के चरित्र का यही मानक है. खुद सत्ता में, तो सब ठीक, सत्ता से जरा बाहर, तो सब गलत.

बता दें कि वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि वे बड़े अफसोस और बेहद भावुक दिल के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना आधा सदी पुराना नाता तोड़ने का फैसला किया है.

बिछड़े सभी बारी-बारी

गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस से अलग होने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस पर तंज कसा है. सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस से बिछड़े सभी बारी बारी! उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई का दावा करने वाली कांग्रेस से अब उसके वरिष्ठ नेता ही आजादी चाहते हैं. वरिष्ठ नेता गुलाम नबी साहब अब असल में आजाद हो गए हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वरिष्ठ और स्वाभिमानी नेताओं के लिए घुटन पैदा करने वाली पार्टी बन गई है. जिस तरह कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को उपेक्षित किया जा रहा है और उनके स्वाभिमान को कुचला जा रहा है, वो दिन दूर नहीं जब पार्टी से और भी नेता आजाद होना चाहेंगे.

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