रक्षा सहयोग को मजबूत करने काहिरा पहुंचा भारतीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

भारत और इजिप्ट (मिस्र) के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल काहिरा के दौरे पर है। रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर्स समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के वायु रक्षा प्रमुख, अरब ऑर्गनाइजेशन फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन के चेयरमैन और मिस्र की वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ से मुलाकात की। भारत की ओर से काहिरा स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी सी. सुशमा और डिफेंस अटैशे ग्रुप कैप्टन परमिंदर अंतिल ने भी बातचीत में हिस्सा लिया। मिस्र की ओर से नेशनल अथॉरिटी फॉर मिलिट्री प्रोडक्शन के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर इंजीनियर एमील हेल्मी एलियास ने चर्चा में भाग लिया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि मिस्र की तरफ से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं की विश्वसनीयता और उच्च गुणवत्ता की सराहना की गई। दोनों देशों ने रक्षा उद्योग सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत और मिस्र के बीच रक्षा संबंध लंबे समय से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। कोविड महामारी के बाद जून 2021 से दोनों देशों के बीच कई रक्षा प्रतिनिधिमंडल, एयरक्राफ्ट और नौसैनिक जहाजों के आदान-प्रदान हुए हैं। सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मिस्र यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी से मुलाकात की और तत्कालीन रक्षा मंत्री मोहम्मद जाकी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर एक समझौता भी हुआ।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2021 में दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच पहला संयुक्त सामरिक अभ्यास ‘डेजर्ट वॉरियर’ हुआ। जून-जुलाई 2022 में भारतीय वायुसेना ने मिस्र में टैक्टिकल लीडरशिप प्रोग्राम (TLP) में हिस्सा लिया। मई 2023 में दोनों वायु सेनाओं ने मिस्र के एयरबेस पर संयुक्त अभ्यास किया। अगस्त 2023 में भारत ने पहली बार अमेरिका और मिस्र द्वारा आयोजित बहुपक्षीय ‘ब्राइट स्टार-2023’ अभ्यास में भाग लिया।

वहीं जून 2024 में भारतीय वायुसेना के चार राफेल विमानों ने मिस्र में द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लिया। इसके अलावा IAF और EAF ने काहिरा वेस्ट एयरबेस पर 2024 के 8वें TLP में भी हिस्सा लिया। मिस्र की नौसेना ने फरवरी 2024 में भारत में हुए ‘मिलन-2024’ नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया। फरवरी 2025 में भारत और मिस्र की विशेष बलों के बीच ‘एक्सरसाइज साइक्लोन’ का तीसरा संस्करण आयोजित किया गया।

इसके अलावा मिस्र के प्रतिनिधिमंडल ने फरवरी 2025 में बेंगलुरु में हुए एयरो इंडिया 2025 में भी भाग लिया। मिस्र, भारतीय वायुसेना और नौसेना के विमानों व जहाजों के लिए यूरोपीय और अटलांटिक क्षेत्रों में यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब बना हुआ है। पिछले वर्षों में कई भारतीय वायुसेना के विमान और नौसेना के जहाज मिस्र से होकर गुजरे हैं या वहां रुके हैं।

Date:

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Jagruk Janta Hindi News Paper 4 Febuary 2026

Jagruk Janta 4 Febuary 2026Download

वैज्ञानिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए समाज के विकास में योगदान दें- Dr. शर्मा

“खाद्य उत्पादन प्रणालियों में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रकृति आधारित...

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान मे पश्चिस क्षेत्रीय स्पोर्ट टूर्नामेंट 31 से

अविकानगर . भारतीय क़ृषि अनुसन्धान परिषद के संस्थान केंद्रीय...