देश से अब मिटने लगा है अस्पृश्यता का कलंक!

शिव दयाल मिश्रा
हमारे
देश में सदियों से अस्पृश्यता चली आ रही है। अब वह मिटने लगी है। हालांकि हमारे शाों में कहीं भी अस्पृश्यता का उल्लेख नहीं मिला है जहां तक मैंने हमारे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया है। भागवत की कथा में राजा हरिश्चन्द्र का वृतांत आता है जिसमें वह अपने वचन पालन के लिए डोम के घर बिक जाता है तथा उसकी नौकरी करता है। भगवान राम के राज्य में भी छुआछूत नहीं थी। और भी कई उदाहरण ऐसे हैं जिनसे यह साबित होता है कि हमारी संस्कृति में छुआछूत नहीं थी। मगर कालांतर में छुआछूत होने लगी और इसकी वजह से पीडि़त लोगों को काफी पीड़ा भी भोगनी पड़ी। मगर अब अस्पृश्यता धीरे-धीरे समापन की ओर अग्रसर हो रही है जो देश और समाज के लिए जरूरी है। अस्पृश्यता ने हमारे देश और समाज का बहुत नुकसान किया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई और अछूतों को गले लगाया। धीरे-धीरे यह बुराई मिटने लगी। संविधान में छुआछूत को अपराध माना गया। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इलाहाबाद में आयोजित कुंभ मेले के दौरान सफाईकर्मियों के पैर धोकर सम्मानित किया था जो एक अनुकरणीय उदाहरण है। इस युग में अस्पृश्यता और उत्पीडऩ का कोई स्थान नहीं हो सकता। इस कार्य को बढ़ाते हुए जनप्रतिनिधि अछूत समझे जाने वाले लोगों के घरों में जाकर उनके साथ उनके हाथ का बनाया भोजन भी ग्रहण करने लगे। चाहे ऐसे कार्य चुनावों के दौरान वोट बटोरने के लिए ही क्यों न हो। मगर है तो यह अच्छी बात। अब तो कई समाजसेवी और पंचायती राज के नेता भी सफाईकर्मियों को सम्मानित करने लगे हैं कई तो उनके जन्म दिन मनाकर उन्हें समाज से जोडऩे का कार्य करने लगे हैं। ऐसे कार्यों से हमारा समाज एकजुट होता है और हमारे देश में जो विकृति आ गई थी वह दूर होने लगी है। यही सब चलता रहा तो हमारा देश और समाज चट्टान की तरह मजबूत होता चला जाएगा जिसे दुनिया की कोई ताकत हिला नहीं सकती।
[email protected]

Date:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

भारतीय रेलवे ने 2,249 लगाए सोलर पावर प्लांट, हरित ऊर्जा की ओर बड़ा कदम

भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और रिन्यूएबल एनर्जी को...

मालाखेडा में निकाली दिव्य ज्योति कलश यात्रा

मालाखेड़ा . अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के...