कानून के रखवालों की तत्परता से मृतक के परिजनों को मिला इंसाफ,सीआई बिश्नोई की मेहनत लाई रंग, हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

-नारायण उपाध्याय
बीकानेर@जागरूक जनता। “भगवान के घर देर है अंधेर नही” यह कहावत बीकानेर पुलिस ने चरितार्थ कर दिखाई है । जंहा एक मृतक के परिजनों को नो साल बाद कानून के लंबे हाथों ने इंसाफ दिलाया है । करीब नो साल पूर्व अपने ही मालिक की सुनियोजित तरीके से धारदार कुल्हाड़ी से हत्या करने के आरोपी को बीकानेर सेशन न्यायालय ने धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । मामला बीकानेर मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर स्थित कोलायत तहसील से जुड़ा हुआ है,जंहा वर्ष 2013 में सुरेंद्र सिंह हत्याकांड हुआ था । इस हत्याकांड को अंजाम मृतक के यंहा मजदूरी करने वाले पंजाब निवासी गुरुचरण सिंह उर्फ भोला सिंह ने दिया था। जिसका खुलासा कोलायत पुलिस ने घटना के मात्र 7 दिनों में ही कर दिया था । इसका श्रेय कोलायत के तत्कालीन व हाल पांचू थानाधिकारी सीआई विकास विश्नोई को जाता है ।

तत्कालीन सीआई विश्नोई के अनुसार 2013 में हरियाणा निवासी मृतक सुरेंद्र सिंह ने कोलायत में एक जमीन खरीदी थी । जिस पर वह मकान आदि का निर्माण करवा रहा था । इसी निर्माण कार्य में आरोपी पंजाब निवासी गुरुचरण सिंह उर्फ भोला सिंह मजदूरी करता था । वह नशे का आदि था, बस इसी बात पर सुरेंद्र व भोला सिंह में घटना के एक पहले बहस हो गई थी । जिस पर गुरुचरण सिंह उर्फ भोला सिंह गुस्सा करते हुए रंजिश के इरादे से वहां से चला गया । दूसरे दिन रात को वह आठ किलोमीटर दूर कोलायत से गांव के खेत तक कुल्हाड़ी लेकर पैदल आया । उसने खेत पर नज़र रखनी शुरू कर दी । देर रात सुरेंद्र सिंह महिंद्रा जीनियो गाड़ी के पीछे के हिस्से पर पलंग डालकर सो गया । ज़हरीले जीव जंतुओं के डर से वह ऊंचाई पर सोता था । तभी रात एक बजे पहले से ताक लगाए बैठा गुरुचरण उर्फ भोला सिंह उसके पास आया और गहरी नींद में सोए सुरेंद्र सिंह पर कुल्हाड़ी से वार कर दिए । वारदात के बाद वह वहां से फरार हो गया । सुबह अन्य मजदूर काम पर पहुंचे तो सुरेंद्र सिंह खून से लथपथ मृत मिला ।

इत्तला मिलने पर तत्कालीन थानाधिकारी विकास विश्नोई मय पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे । वंही घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पंजाब भाग गया था । पुलिस मामला जमीन से जुड़ा समझ रही थी, क्योंकि मृतक ने हरियाणा से आकर कोलायत जमीन खरीदी थी। इसी वजह से पुलिस भूमाफिया से रंजिश का मामला समझ बैठी । इस दरम्यान जमीन के विक्रेताओं व संबंधित लोगों से पुलिस ने पूछताछ की, साथ ही शोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व तकनीकी तरीके से भी जांच जारी थी ।

इसी दौरान घटना के पांच दिन बाद पुलिस को हत्या के काम मे ली गई कुल्हाड़ी पर लगे कपड़े व अन्य सुरागों से गुरुचरण के बारे में पता चला । वंही इन सब से बेखबर आरोपी गुरुचरण ने सोचा कि घटना को चार-पांच दिन बीत गए, अब तक पुलिस को हत्या करने वाले का पता नही चल पाया इसका मतलब वो सुरक्षित है,यह मन में वहम पाले आरोपी गुरुचरण वापिस कोलायत लौट आया । आरोपी जैसे ही कोलायत में दाखिल हुआ, थानाधिकारी विकास बिश्नोई मय टीम ने घेराबंदी देकर गिरफ्तार कर लिया । पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल लिया । विकास विश्नोई ने जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया । कोर्ट में अभियोजन की ओर से कुल 15 गवाहों के बयान करवाए गए एवं 36 दस्तावेजात पेश किए गए । सेशन न्यायालय ने उक्त घटना को सही मानते हुए आरोपी गुरूचरण सिंह उर्फ भोला सिंह को भादंसं 302 के तहत आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया । साथ ही भादंसं 382 में 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है । आरोपी को कोर्ट द्वारा सजा मिलने के बाद मृतक सुरेन्द्र सिंह के परिजनों बीकानेर पुलिस व कोलायत के तत्कालीन सीआई व हाल पांचू थानाधिकारी विकास बिश्नोई का धन्यवाद ज्ञापित किया है ।

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