
जयपुर : जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री श्रीधरी दीदी द्वारा 69वें जगद्गुरुत्तम दिवस का जयपुर में आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ हरि गुरु की भव्य महाआरती के साथ हुआ। श्रीधरी दीदी द्वारा जगद्गुरुत्तम दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 14 जनवरी सन् 1957 में, मकर संक्रांति के दिन एक अद्भुत ऐतिहासिक घटना हुई। इसी दिन, श्री कृपालु जी महाराज के वेदों, शास्त्रों, पुराणों तथा अन्यान्य धर्मग्रंथों के असीम, अलौकिक, अद्वितीय ज्ञान से परिपूर्ण संस्कृत में दिये गये प्रवचन को सुनकर काशी विद्वत्परिषत् (भारत के लगभग 500 शीर्षस्थ शास्त्रज्ञ, वेदज्ञ विद्वानों की तत्कालीन सभा) के सभी विद्वान मंत्रमुग्ध एवं अत्यंत अचंभित हो गये। तब सभी ने उनके अथाह दिव्य ज्ञान के आगे नतमस्तक होकर सर्वसम्मति से कृपालु जी महाराज को न केवल ” पंचम मूल जगद्गुरु” बल्कि “जगद्गुरुत्तम” की उपाधि से विभूषित किया गया।

निखिलदर्शन समन्वयाचार्य होने से ही वे पूर्ववर्ती जगद्गुरुओं से भी श्रेष्ठ कहलाये।उन्हें भक्तियोगरसावतार इत्यादि कई उप उपाधियाँ भी ‘काशी विद्वत्परिषत् ‘ द्वारा साथ में प्रदान की गईं थी। इस प्रकार तभी से 14 जनवरी का दिवस “जगद्गुरुत्तम दिवस” के रूप में मनाया जाने लगा।
पश्चात् गुरु महिमा सम्बंधित संकीर्तन करवाते हुए श्रीधरी दीदी ने समस्त विश्व समुदाय को जगद्गुरुत्तम दिवस की बधाई दी। गुरुपूजन इत्यादि कार्यक्रम हुए एवं भोजन प्रसादी के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।


