भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फरवरी 2025 तक रेलवे स्टेशनों और सेवा भवनों में 2,249 सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बुधवार को लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

पिछले पांच वर्षों में रेलवे ने 1,489 सोलर यूनिट स्थापित किए, जो उससे पहले के पांच वर्षों में लगे 628 यूनिट्स की तुलना में 2.3 गुना अधिक हैं। इस पहल में राजस्थान सबसे आगे है, जहां अब तक 275 सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जो किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सबसे अधिक हैं।
भारतीय रेलवे रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने के लिए विभिन्न ऊर्जा खरीद मॉडलों का उपयोग कर रहा है। इनमें “राउंड द क्लॉक पावर” मॉडल अपनाया जा रहा है, जो सौर और पवन ऊर्जा को शामिल करता है। अधिकतर सोलर प्लांट डेवलपर मोड में पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत लगाए जा रहे हैं।
इस परियोजना के सामने कई चुनौतियां आईं, जैसे नियामक बाधाएं, बिजली निकासी और कनेक्टिविटी की समस्याएं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने राज्य सरकारों और ट्रांसमिशन यूटिलिटीज के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है।
अब तक रेलवे ने 209 मेगावाट सोलर क्षमता स्थापित कर ली है और इसे लगातार बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। रेलवे का यह कदम जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।