न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कब तक कमाई छोड़कर लड़ाई करते रहेंगे किसान..

जागरूक जनता। न्यूनतम समर्थन पर खरीद की गारंटी के लिए कृषि उपज मंडी अधिनियम 1961 एवम नियम 1964 में संशोधन कर नीलामी बोली न्यूनतम समर्थन मूल्य से आरम्भ करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों में उपजों के क्रय-विक्रय को रोकने हेतु बाध्यकारी कानून बनाने के लिए सरसों, चना, गेंहू की लामणी छोड़कर आज विधान सभा के चालू बजट सत्र में दूसरी बार किसानों को विधानसभा पर धरना आयोजित करना पड़ा।
यह धरना दिन के 11 बजे से 5 बजे तक किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट की अध्यक्षता में चला जिसमे प्रदेश अध्यक्ष मुस्सद्दी लाल यादव, महामंत्री सुंदर लाल भावरियाँ, एवम जगदीश नारायण चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी, जयपुर जिला अध्यक्ष रामधन गुर्जर, महामंत्री नंदलाल मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष फूलचंद बड़बड़वाल, मीडिया प्रभारी गिरिराज सिंह खंगारोत, दुदु विधानसभा अध्यक्ष हरजीराम गठाला, दूदू उपखंड अध्यक्ष रामगोपाल नेकडी, उपाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा, मौजमाबाद तहसील अध्यक्ष बजरंग लाल जाजुन्दा, अध्यक्ष रामेश्वर बुरड़क, उपाध्यक्ष छीतर लाल बैरवा, सांभर तहसील अध्यक्ष जालूराम डोड़वाडीया आदि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस धरने में विशेष रूप से प्रो गोपाल मोदानी, 87 वर्षीय हरलाल क्रांतिकारी एवं सूचना अधिकार के विशेषज्ञ गौरी शंकर मालू ने भी धरने में भागीदारी की।
धरनार्थियों की ओर से शिष्ट मंडल ने राजस्व मंत्री रामलाल चौधरी को ज्ञापन सौंपा जिसपर 40 मिनट से अधिक चर्चा हुई।

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