बच्चों के अधिकारो के संरक्षण के लिए गंभीरतापूर्वक कार्य करें सभी विभाग-श्रीमती बेनीवाल

बीकानेर@जागरूक जनता। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती संगीता बेनीवाल ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सभी विभाग पूर्ण गंभीरता से कार्य करें।
श्रीमती बेनीवाल मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों एवं स्थिति की समीक्षा की जा रही है, जिससे व्यावहारिक तौर पर आ रही किसी समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा विभिन्न जिलों में बच्चों से सीधा संवाद भी किया जा रहा है तथा इन्हें ‘गुड टच, बेड टच’ के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने जिले की स्कूलों में भी इससे संबंधित गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि बाल सभाओं में इससे संबंधित लघु फिल्में एवं डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाए।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बीकानेर में बालश्रम और भिक्षावृत्ति के मामले अन्य जिलों की अपेक्षा बहुत कम हैं। इस सामाजिक बुराई को पूर्णतया समाप्त करते हुए पूरे प्रदेश के समक्ष एक मिसाल प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कोरोना के दौरान सरकारी स्कूलों से ड्राॅप आउट हुए बच्चों की सूचना उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड को आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे बच्चों से संबंधित विभिन्न मुद्दों का समयबद्ध निस्तारण हो सके।
श्रीमती बेनीवाल ने कोरोना काल के दौरान पालनहार योजना से जोड़े गए बच्चों के बारे में जाना तथा कहा कि इस श्रेणी का एक भी पात्र बच्चा इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित जांच करने तथा इसका समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बाल संरक्षण इकाईयों का गठन किया जाए तथा प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान आयोजित शिविरों में इन इकाईयों की बैठकें करवाने के निर्देश दिए। जिले में विकसित पोषण वाटिकाओं की जानकारी भी ली।
जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री कोरोना पालनहार योजना के तहत 169 बच्चों को एक हजार रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चा सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई है। इन बच्चों को प्रतिवर्ष दो हजार रुपये एकमुश्त वार्षिक अनुदान पोशाक, पाठ्य पुस्तकों आदि के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बालश्रम उन्मूलन के लिए गठित टीमों द्वारा इस तिमाही में 26 बाल श्रमिकों का रेस्क्यू करते हुए उनका पारिवारिक पुनर्वास करवाया गया।
पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने बाल अधिकार संरक्षण के लिए जिले में की गई गतिविधियों के बारे में बताया तथा कहा कि बच्चों के अधिकारों के हनन से संबंधित कोई मामला सामने आने पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी। बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक कविता स्वामी ने जिले की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर(नगर) अरुण प्रकाश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक शारदा चौधरी, दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डाॅ. किरण सिंह, सदस्य सरोज जैन, एड. जुगल किशोर व्यास, एड. हर्षवर्धन सिंह भाटी, आईदान, किशोर न्यास बोर्ड के सदस्य अरविंद सिंह सैंगर, किरण गौड़, चाइल्ड हैल्पलाइन के चेनाराम आदि मौजूद रहे।

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