
आबूरोड़. माधव विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राजकुमार उन शिक्षाविदों में से हैं जिन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए उसे व्यवहार में उतारने का निरंतर प्रयास किया है। अपनी दूरदर्शी सोच, मजबूत नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण के बल पर उन्होंने विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका लक्ष्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र निर्माण में भागीदार नागरिक तैयार करना है।
डॉ. राजकुमार के मार्गदर्शन में माधव विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ प्रोफेशनल, तकनीकी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का व्यापक विस्तार किया है। उनका विशेष जोर इस बात पर रहा है कि विद्यार्थी केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें उद्योग, अनुसंधान और रोजगार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में नियमित रूप से इंडस्ट्री इंटरैक्शन, विशेषज्ञ व्याख्यान, सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्लेसमेंट गतिविधियों का आयोजन होता रहता है। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार होते हैं।
उनकी प्रेरणा से विश्वविद्यालय सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी बना हुआ है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार तथा स्वास्थ्य संबंधी पहलें निरंतर संचालित की जा रही हैं। डॉ. राजकुमार का मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
डॉ. राजकुमार ने आधारभूत संरचना और शैक्षणिक संसाधनों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, खेल सुविधाओं और बेहतर शिक्षण वातावरण की उपलब्धता ने विद्यार्थियों को बहुआयामी विकास का अवसर प्रदान किया है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने क्षेत्रीय स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय पहचान की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं और निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है।
वे विद्यार्थियों से नियमित संवाद रखते हैं और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन में रहकर मेहनत करने तथा नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उनका विश्वास है कि सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन से हर युवा असंभव को संभव बना सकता है। यही विचार विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
डॉ. राजकुमार का जीवन शिक्षा, सेवा और संकल्प का सजीव उदाहरण है। उनके सतत प्रयासों से माधव विश्वविद्यालय ज्ञान, संस्कार, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सशक्त केंद्र बनकर तेजी से उभर रहा है।
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