
Rajasthan News: सीकर जिले के रिंगस में कल (21 फरवरी, शनिवार) से विधिवत रूप से शुरू होने जा रहे खाटूश्याम का विश्व प्रसिद्ध वार्षिक फाल्गुन लक्खी मेला को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो गई है. जिसके लेकर मंदिर की श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने अंतिम रूप देने के साथ साथ जरूरी जानकारियां दी है.
Falgun Lakhi Mela 2026: राजस्थान के सीकर जिले के रिंगस में बना खाटूधाम अब पूरी तरह लक्खी मेले के लिए सज कर तैयार हो गया है. बाबा श्याम का विश्व प्रसिद्ध वार्षिक फाल्गुन लक्खी मेला (Falgun Lakhi Mela ) कल( 21 फरवरी, शनिवार) से विधिवत रूप से शुरू होने जा रहा है. जो 28 फरवरी तक यानी 8 दिन तक चलेगा. इस मेले में बाबा श्याम (Khatushyam) के भक्त उनका दीदार करने के लिए देश के अलग अलग राज्यों से आते है. ऐसे में खाटू नगरी बाबा श्याम के लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हो चुकी है जिसकी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर की श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने अंतिम रूप देने के साथ साथ जरूरी जानकारियां दी है.

भोलेनाथ का डमरू मंदिर परिसर में बना आकर्षण का केंद्र
इस बार बाबा श्याम के दरबार की भव्यता को बेहद भव्य बनाने की कोशिश की गई है. मंदिर की सजावट के लिए विशेष रूप से 120 बंगाली कारीगरों की टीम बुलाई गई है, जिन्होंने अपनी कला से मंदिर परिसर को पौराणिक काल के दृश्यों से दरबार को सजाया है. इनकी मेहनत रंगीन कलाकारी की वजह से इस मंदिर के परिसर में श्रद्धालुओं को कहीं भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी बंसी बजाते नजर आएंगे, तो कहीं मां काली और बालाजी महाराज दर्शन देंगे. इतना ही नहीं सजावट में ऐरावत हाथी और भगवान भोलेनाथ का डमरू भी बनाए गए है जो मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. मंदिर में तैयारियां पूरी होगी गई लेकिन कारीगरों की तरफ से सजावट को अंतिम रूप देने का काम युद्ध स्तर पर जारी है जिसे आज पूर्ण कर लिया जाएगा.
14 कतारें और नो वीआईपी कल्चर
श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान लक्खी मेले में आने वाले भक्तों के लिए बाबा श्याम के दर्शनों को लेकर जानकारी सांझा की है. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शनों के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कतारबद्ध होकर 14 अलग-अलग लाइनों से दर्शन कराए जाएंगे ताकि भीड़ का दबाव न बढ़े. साथ ही इस बार बाबा के दर्शन के लिए हर भक्त को तकरीबन 23 किलो मीटर पैदल की यात्रा करनी पड़ेगी. इसके साथ ही मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान वीआईपी दर्शनों की कोई व्यवस्था नहीं होगी. सभी भक्तों को एक ही व्यवस्था के तहत बाबा के दीदार करने होंगे.

QR कोड दिखाएगा रास्ता
हर बार की तरह इस बार भी ट्रैफिक को लेकर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए इस बार प्रशासन ने ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए एक आधुनिक तकनीक अपनाई है. ट्रैफिक पुलिस ने मेले में आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग बनाई गई है. जिसके लिए अलग-अलग रंगों की पर्चियां जारी की जाएंगी. हर तरह के वाहन पार्किंग के लिए अलग रंग की पर्चियां और उनके साथ QR कोड जारी किया है. ऐसे में वाहन के साथ आने वाले *QR कोड को करते ही श्रद्धालु सीधे अपनी पार्किंग लोकेशन तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षाकर्मियों की नजर
मेले की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सीकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. क्योंकि 8 दिन चलने वाले मेले खाटूश्याम के लक्खी मेले में लाखों की संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है. इसकी सुरक्षा वय्स्था को लेकर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और मेला मजिस्ट्रेट लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. खाटूश्यामजी थाना प्रभारी पवन चौबे स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाए हुए हैं.
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