भारत-चीन की झड़प:सिक्किम में चीन के 20 सैनिक घायल, 4 भारतीय जवान भी जख्मी; चीन ने घुसपैठ की कोशिश की थी

भारत-चीन में तनाव के बीच दोनों देशों के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर है। सूत्रों के मुताबिक चीन ने LAC पर घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया।

भारत-चीन में तनाव के बीच दोनों देशों के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर है। सूत्रों के मुताबिक चीन ने LAC पर घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया। झड़प में चीन के 20 सैनिक घायल हो गए। भारत के भी 4 जवान जख्मी हुए हैं। घटना 3 दिन पहले सिक्किम के नाकुला की बताई जा रही है।

17 दिन पहले भी घुसपैठ हुई थी
8 जनवरी को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख के पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की थी। भारत ने 2 दिन बाद चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने सफाई दी थी कि उसका सैनिक गलती से भारतीय इलाके में चला गया। इससे पहले अक्टूबर में भी चीन के सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। अक्टूबर में डेमचोक सेक्टर में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को इसे चुशूल-मॉल्डो मीटिंग पॉइंट पर चीनी अफसरों को सौंप दिया गया था। वह दो दिन भारतीय सेना की हिरासत में रहा था।

बातचीत की आड़ में चीन घुसपैठ की कोशिश कर रहा
चीन एक तरफ आर्मी और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत कर रहा है। दूसरी तरफ घुसपैठ की कोशिश से बाज नहीं आ रहा। पूर्वी लद्धाख में तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के बीच 9वें राउंड की बातचीत रविवार को मोल्दो में 15 घंटे चली। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में भारत ने कहा कि विवाद वाले इलाकों से सैनिक हटाने और तनाव कम करने के प्रोसेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चीन पर है। ऐसा कहने की वजह यह मानी जा रही है कि चीन बार-बार अपनी बात से पीछे हट जाता है।

पिछले साल जून में भी हिंसक झड़प हुई थी
भारत-चीन के बीच पिछले साल अप्रैल से तनाव बना हुआ है। जून 2020 में गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे, हालांकि उसने कभी कबूल नहीं किया।

Date:

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शिक्षा, सेवा और संकल्प का नाम: डॉ. राजकुमार

आबूरोड़. माधव विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राजकुमार उन शिक्षाविदों...

Jagruk Janta Hindi News Paper 25 Febuary 2026

Jagruk Janta 25 Febuary 2026Download जागरूक जनता व्हाट्सएप चैनल को...