दुःखद हेलीकॉप्टर हादसा : सीडीएस रावत व पत्नी मधुलिका सहित 13 जनों ने हादसे में तोड़ा दम,देश में शोक की लहर

नई दिल्ली/कन्नूर। तमिलनाडु में आज वायुसेना का एमआई-17 सैन्य हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और कई वरिष्ठ अधिकारी सहित 14 लोग सवार थे। जिनमें से 13 की दुःखद हादसे में मौत हो गई है । इस दुर्घटना में CDS जनरल बिपिन रावत सहित पत्नी मधुलिका की भी मौत हो गई है वंही इस हादसे में बचे एकमात्र कैप्टन वरुण सिंह का मिलट्री हॉस्पिटल में वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है ।जिसकी पुष्टि इंडियन एयर फोर्स ने ट्वीट कर की है ।

पीएम मोदी ने किया था चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद के गठन का ऐलान

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद बनाए जाने की घोषणा पीएम मोदी ने लाल किले पर दिए 15 अगस्त के भाषण से की थी। बिपिन रावत को यूआईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम के साथ वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया है। उन्हें दो मौके पर सीओएएस कमेंडेशन और आर्मी कमेंडेशन भी दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र की सेवा करते हुए बिपिन रावत को दो बार फोर्स कमांडर के कमेंडेशन से सम्मानित किया गया। उन्होंने पूर्वी सेक्टर में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ एक इन्फैन्ट्री बटालियन की कमान संभाली थी। वह एक राष्ट्रीय रायफल्स सेक्टर, कश्मीर घाटी में एक इन्फ्रैंट्री डिवीजन और उत्तर पूर्व में एक कोर का नेतृत्व कर चुके हैं।

सीडीएस बिपिन रावत के सफर पर एक नजर

जनरल रावत आर्मी चीफ से 31 दिसंबर 2019 को रिटायर होने के बाद देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने थे। वह 31 दिसंबर 2016 को आर्मी चीफ बनाए गए थे। उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले जनरल रावत को पूर्वी सेक्टर में LoC, कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर में काम करने का लंबा अनुभव था। अशांत इलाकों में काम करने के अनुभव को देखते हुए मोदी सरकार ने दिसंबर 2016 में जनरल रावत को दो वरिष्ठ अफसरों पर तरजीह देते हुए आर्मी चीफ बनाया था।

भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था। हमले में कई आतंकी भी मारे गए थे। उरी में सेना के कैंप और पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले में कई जवान शहीद हो जाने के बाद सेना ने यह कार्रवाई की थी। जनरल रावत के नेतृत्व में भारतीय सेना ने देश की सीमा के पार जाकर आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर कई आतंकियों को ढेर किया। जनरल रावत का परिवार कई पीढ़ियों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। उनके पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत 1988 में उप सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए।

Date:

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Jagruk Janta Hindi News Paper 15 July 2026

जागरूक जनता व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करेंhttps://whatsapp.com/channel/0029VabCX4VDOQIUcf0b4w14 जागरूक जनता Facebook...

महिला ने दिया एक साथ 4 बच्चों को जन्म, डॉक्टर बोले- 24000 में से 1 मामला आता है ऐसा

झालावाड़ की ज्योति कश्यप का झालावाड़ के जनाना अस्पताल...