बीकानेर का एनएसवी सम्मेलन नवाचार अब पूरे राज्य में लागू

बीकानेर@जागरूक जनता। परिवार कल्याण में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जिले के 60 गांवों में पुरुष सहभागिता सम्मेलन आयोजित होंगे। शुक्रवार को कोलायत के ग्रांधी गांव से इन सम्मेलनों के आयोजन का सिलसिला शुरू होगा जो नवंबर तक चलेगा। प्रत्येक ब्लॉक के चुनिंदा 10 गांव में यह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
डिप्टी सीएमचओ परिवार कल्याण डॉ योगेंद्र तनेजा ने बताया कि अब तक परिवार नियोजन में महिलाओं की भागीदारी अधिक है, लेकिन चिकित्सा विभाग की ओर से इस बार परिवार नियाेजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गांवों में पुरुष सहभागिता सम्मेलन किए जाएंगे। इसमें एनएसवी चैंपियन्स और एनएसवी मोटीवेटर्स का चयन किया जाएगा। इन दोनों को विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सम्मेलन में कम से कम 20 संभावित पुरुष लाभार्थियों को आमंत्रित कर उनके सामने पहले से पुरुष नसबंदी करवा चुके लाभार्थियों की नजीर पेश की जाएगी कि किस तरह वे पुरुष नसबंदी अपनाकर खुश है और चिंता मुक्त है। गांवों में सम्मेलन आयोजित करने की जिम्मेदारी एएनएम को दी गई है। स्वास्थ्य मित्र भी इसमें सहयोग करेंगें। सम्मेलनों का पूरा एक्शन प्लान तैयार हो चुका है।
जिला आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि बीकानेर में 2019 से जिला स्तर पर एनएसवी सम्मेलन आयोजन का नवाचार किया गया था जिसे अब पूरे राज्य में संवर्धित स्वरूप में लागू किया जा रहा है जो जिले के लिए निश्चय ही गर्व का विषय है।

ऐसे चुनेंगे रोल मॉडल
डॉ तनेजा ने बताया कि एनएसवी चैंपियन या रोल मॉडल उन्हें चुना जा सकेगा, जिन्होंने एनएसवी को अपनाया है और मोटीवेटर्स एएनएम, स्वास्थ्य मित्र या विभागीय कड़ी में से कोई भी हो सकता है। इन दोनों को विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक से 20 एनएसवी चैंपियन चुने जाएंगे।
जिले के 6 ब्लॉकों में 120 चैंपियन चुने जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष कम से कम 5 एनएसवी लाभार्थियों को प्रेरित करने वाले चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, आशा या स्वैच्छिक कार्यकर्ता को एनएसवी मोटरीवेटर के रूप में पहचाना जाएगा।

इन बिंदुओं पर होगी चर्चा
एएसओ नवनीत आचार्य ने जानकारी दी कि सम्मेलनों में सीमित परिवार के लाभ, विवाह के न्यूनतम आयु, परिवार नियाेजन के साधनों की उपलब्धता व उपयोगिता, 2 बच्चों के बीच अंतर, परिवार कल्याण कार्यक्रमों के तहत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि, पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी में अंतर आदि के बारें में बताया जाएगा। एनएसवी चैंपियन एनएसवी के बारे में अपने अनुभव सम्मेलनों में साझा करेंगे ताकि और भी पुरुषों को इसके लिए प्रेरित किया जा सके।

“एनएसवी यानी कि पुरुष नसबंदी एक परिवार के लिए हर मायने में महिला नसबंदी से बेहतर विकल्प है। पुरुष सहभागिता सम्मेलनों में जब अधिकाधिक पुरुष इस तथ्य को समझेंगे तो वे निश्चय ही एनएसवी को अपनाएंगे।”

– डॉ. ओ. पी. चाहर, सीएमएचओ बीकानेर

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