बच्चों व महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य, नशे के दुष्प्रभाव और समय पर उपचार के प्रति किया जागरूक

जयपुर. मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, सिविल लाइंस, जयपुर , शिल्प सृजन संस्थान एवं मेंटल हेल्थ फाऊंडेशन के सह-आयोजन में झालाना कच्ची बस्ती क्षेत्र में बच्चों एवं महिलाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. अनिता गौतम ने मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण, उनकी समय पर पहचान, बचाव तथा उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अमेठी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले नुकसान, मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी के परिणाम तथा समय पर सहायता लेने की आवश्यकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नाश्ता भी वितरित किया गया।

7 अक्टूबर को जागरूकता अभियान की अगली कड़ी में गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में विद्यार्थियों के लिए एलोकेशन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, मनोरोग चिकित्सा, मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशीलता, उपचार प्रक्रिया तथा परिवार की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में डॉ. मेधावी दीक्षित एवं डॉ. अनिता गौतम ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
इस अवसर पर डॉ. शिव गौतम, डॉ. मनस्वी गौतम एवं अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉक्टर शिव गौतम जी ने बताया कि इस वर्ष की WHO की थीम मानसिक बीमारी को समाज में एक कलंक की तरह देखा जाता है। डॉ गौतम ने बताया कि मानसिक बीमारी के बारे में लोगों में जो भ्रांतियां हैं एवं इसे एक कलंक की तरह माना जाता है इसके लिए समाज में से ही मानसिक बीमारी से स्वस्थ हुए लोग अन्य लोगों को भी बताएं कि यह एक मानसिक बीमारी है जिसका इलाज हो सकता है। परिवार का सहयोग और संवेदनशील व्यवहार उपचार प्रक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आयोजन का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाना, नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा बच्चों, युवाओं और महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
आयोजकों ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की नींव रख सकता है। इसी सोच के साथ मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति से जुड़े जागरूकता अभियानों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
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