अंग्रेजी में अच्छी कंमाड होना एकस्ट्रा एडवांटेज, सामाजिक दूरी का रखें विशेष ध्यान-मेहता, कलक्टर बने अध्यापक, देखे वीडियो

शनिवार को जिला कलक्टर मेहता एक अध्यापक की भूमिका में नजर आए । उन्होंने पूछा कि समास कितने तरह के होते हैं? समास और संधि में क्या फर्क है?
उन्होंने छात्र छात्राओं से अंग्रेजी में भी कई प्रश्न पूछें व अंग्रेजी की किताब भी पढ़वाकर देखीं। उन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि गलती होना मानव का स्वभाव है अतः अगर अंग्रेजी में कोई गलती होती है तो आपको इससे परेशान नहीं होना है बल्कि और अतिरिक्त मेहनत कर अंग्रेजी में भी पूरी महारत हासिल करनी है।

बीकानेर@जागरूक जनता। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रतियोगिता के इस दौर में हमें अंग्रेजी में भी उतनी ही महारत हासिल करनी होगी, जितना हम हिंदी में रखते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर बनने या प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए अंग्रेजी में भी अच्छी कमांड होना एक एक्स्ट्रा एडवांटेज के रूप में होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी को अंग्रेजी शिक्षा का मौका मिले इस भावना को ध्यान में रखते हुए राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में प्रायोगिक तौर पर प्रत्येक ब्लॉक में एक विद्यालय खोला है। मेहता शनिवार को मुरलीधर व्यास कॉलोनी और लूणकरणसर स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत कर रहे थे।
मेहता ने शनिवार को मुरलीधर व्यास कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय में कोविड-19 एडवाइजरी की अनुपालना देखी और छात्र-छात्राओं से संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी व नागरिक शास्त्र आदि विषयों पर भी बातचीत की। उन्होंने छात्र छात्राओं से बातचीत करते हुए कहा कि एक लंबे समय बाद विद्यालय खुले हैं तो सभी में उत्साह होना चाहिए ,परन्तु इसके साथ कोविड-19 रोकथाम नियमों की पालना करते हुए सामाजिक दूरी और सैनिटाइजर का उपयोग करते रहें  तथा सभी छात्र साथ में बैठकर एक साथ भोजन न करें।

जिला कलेक्टर बने अध्यापक

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर मेहता एक अध्यापक की भूमिका में नजर आए । उन्होंने पूछा कि समास कितने तरह के होते हैं? समास और संधि में क्या फर्क है?
उन्होंने छात्र छात्राओं से अंग्रेजी में भी कई प्रश्न पूछें व अंग्रेजी की किताब भी पढ़वाकर देखीं। उन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि गलती होना मानव का स्वभाव है अतः अगर अंग्रेजी में कोई गलती होती है तो आपको इससे परेशान नहीं होना है बल्कि और अतिरिक्त मेहनत कर अंग्रेजी में भी पूरी महारत हासिल करनी है।

बच्चों से की अंग्रेजी में बातचीत

इंग्लिश मीडियम स्कूल में पहुंचने के बाद यहां अध्ययनरत छात्रों से जिला कलक्टर ने अंग्रेजी में बात की और  कहा कि विद्यार्थी भी अपना परिचय अंग्रेजी में ही दें तथा परिचय के अलावा और भी कुछ इंग्लिश में बातचीत करनी चाहे तो कर सकते हैं। उन्होंने छात्र छात्राओं से उनकी हॉबी के बारे में अंग्रेजी में पूछा व 12वीं कक्षा पास करने के बाद वे क्या बनना चाहते हैं और किस विषय पर शिक्षा ग्रहण चाहते हैं आदि प्रश्न भी अंग्रेजी में ही किए। छात्र व छात्राओं ने बहुत ही बेहतर तरीके से अंग्रेजी में जवाब दिए।
बच्चों में जोश नजर आ रहा था
विद्यालय में पहुंचने के बाद जब जिला कलक्टर मेहता ने 9वीं और 10वीं की कक्षा के छात्र छात्राओं से बातचीत करते हुए अपना परिचय दिया तो बच्चों के चेहरे पर एक खुशी और जोश नजर आ रहा था कि आज उनसे टीचर के रूप में जो बातचीत कर रहे हैं वह बीकानेर के जिला कलक्टर हैं।
महात्मा गांधी अंग्रेजी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मुरलीधर व्यास कॉलोनी में छात्र छात्राओं से बातचीत करने के बाद जिला कलक्टर  लूणकरणसर की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलदेसर  गए और वहां भी विद्यार्थियों से अंग्रेजी में बातचीत व विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। इस दौरान एडीपीसी (शिक्षा विभाग) हेतराम बिश्नोई भी साथ उपस्थित रहे। मुरलीधर व्यास काॅलोनी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य अमीना फातिमा ने विद्यालय में चल रही गतिविधियों के बारे में बताया।

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