कोटड़ी नदी पर जिले का चौथा सबसे बड़ा बांध बनाने के लिए नाबार्ड ने जारी की 27 करोड़ 7 लाख की वित्तीय सहायता

  • 836 हैक्टेयर मे होगी सिंचाई और कोटड़ी व ढाणी गुमान सिंह पंचायत सहित 10 किलोमीटर क्षेत्र मे आने वाले आधा दर्जन से ज्यादा गावों मे सुधरेगा जलस्तर
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने राज्य सरकार को सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक मे कोटड़ी नदी पर जिले का चौथा सबसे बड़ा बांध बनाने के लिए 27 करोड़ 7 लाख की वित्तीय सहायता दी है।

सीकर @ जागरूक जनता। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने राज्य सरकार को सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक मे कोटड़ी नदी पर जिले का चौथा सबसे बड़ा बांध बनाने के लिए 27 करोड़ 7 लाख की वित्तीय सहायता दी है। इस वित्तीय सहायता से सीकर जिले मे चौथा सबसे बड़ा बांध किया जाएगा जिसमे 72.03 मिलियन घन फीट पानी का भराव हो सकेगा । इस बांध के निर्माण के लिए 39 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत आएगी। जिसमे 27 करोड़ 7 लाख रुपए की वित्तीय सहायता नाबार्ड ने राज्य सरकार को दी है। गौरतलब हैं कि कृषि विभाग के अनुसार कोटड़ी क्षेत्र मे पिछले 25 साल से भूजल की स्थिति गहराने की वजह से सूखा हैं। यहाँ किसान खरीफ मौसम मे ही बारिश से ही खेती करते हैं। रबी की खेती महज दो से तीन प्रतिशत ही हैं। इस इलाके को भूजल विभाग द्वारा डार्क ज़ोन भी घोषित किया हुआ हैं। ऐसी स्थिति मे यहाँ के स्थानीय लोगों के लिए पेयजल का संकट भी बना रहता हैं।

25 साल से सूखा पड़ा हैं कोटड़ी इलाका, 836 हैक्टेयर मे होगी सिंचाई व 10 किलोमीटर क्षेत्र मे सुधरेगा जलस्तर
नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक (जिला विकास) एम एल मीना ने बताया कि तीन दशक से पानी की किल्लत से परेशान खंडेला के पहाड़ी क्षेत्र की कोटड़ी व ढाणी गुमान सिंह पंचायत क्षेत्र मे आने वाले भहरा, लुहारवास, कोटड़ी, तिवाड़ी की ढाणी, ढाणी गुमान सिंह सहित 10 किलोमीटर क्षेत्र मे आने वाले आधा दर्जन से ज्यादा गावों मे कोटड़ी बांध के पानी से भूमि के जलस्तर मे सुधार होगा। इससे लंबे समय से सूखे हैंडपम्प व ट्यूबवैल मे पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। साथ ही, इसी क्षेत्र की लगभग 836 हैक्टेयर कृषि भूमि मे खेती के लिए 250 से ज्यादा किसानों को प्रेसर इरीगेशन के माध्यम से फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।

खंडेला-शाकंभरी की पहाड़ियों के पानी से सीकर जिले के चौथे सबसे बड़े बांध मे होगा भराव
सहायक महाप्रबंधक एम एल मीना ने बताया कि बांध मे खंडेला व शाकंभरी तक की 51.57 वर्ग किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र से पानी का बहाव होकर बांध मे गिरेगा। अब तक इन पहाड़ियों से बहने वाला बरसाती पानी कोटड़ी नदी से होकर कांतली नदी मे जा रहा था जो चला व गुहाला के मैदानी इलाकों मे व्यर्थ ही बह जाता था। कोटड़ी बांध की भराव क्षमता 72.03 मिलियन घन फीट पानी रहेगी एवं सीकर जिले के नीम का थाना इलाके के तीन बांध यथा रायपुरा पाटन, राणासर व भूदोली बांध के बाद यह जिले का चौथा सबसे बड़ा बांध होगा।

राज्य सरकारों को ग्रामीण विकास कार्यो हेतु 37 विभिन्न लाभकारी गतिविधियों मे सहयोग देता हैं नाबार्ड
नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक (जिला विकास) एम एल मीना के अनुसार नाबार्ड ने यह वित्तीय सहायता रुरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट फ़ंड (आरआईडीएफ) से जारी की है। नाबार्ड द्वारा राज्य सरकारों को कृषि एवं सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, सामाजिक सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थय, पेयजल सहित विभिन्न 37 लाभकारी गतिविधियों के लिए ग्रामीण विकास कार्यों मे सहयोग प्रदान करता है। मीना ने बताया कि रुरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट फ़ंड के तहत ग्रामीण विकास कार्यों हेतु नाबार्ड द्वारा कुल परियोजना लागत की 80 से 95 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती हैं।

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