चिंतन शिविर निकालेगा हिंदुत्व का रास्ता? बेणेश्वर धाम जाएंगे सोनिया और राहुल गांधी

यूपी, पंजाब, उत्तराखंड समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस उदयपुर में 13 से 15 मई तक चिंतन शिविर आयोजित कर रही है। शिविर में कांग्रेस के करीब 400 नेता हिस्सा लेने वाले हैं।

जयपुर बांसवाड़ा। यूपी, पंजाब, उत्तराखंड समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस उदयपुर में 13 से 15 मई तक चिंतन शिविर आयोजित कर रही है। इस शिविर में कांग्रेस के करीब 400 नेता हिस्सा लेने वाले हैं और इससे पहले बड़ी तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि इस साल के अंत में होने वाले गुजरात, हिमाचल के चुनाव और संगठन चुनावों को लेकर मंथन होगा। इसके अलावा अगले साल राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव होंगे। ऐसे में इन राज्यों के लिए भी कांग्रेस रणनीति तैयार करेगी। लेकिन तय कार्यक्रम से ऐसा माना जा रहा है कि चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस के हिंदुत्व के रास्ते पर आ सकती है।

पार्टी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने के आरोपों से बाहर निकलने का प्रयास करती दिख सकती है। दरअसल राहुल गांधी और सोनिया गांधी चिंतन शिविर के बाद राजस्थान के ही बांसवाड़ा में स्थित बेणेश्वर धाम जाने वाले हैं, जहां वे एक रैली को संबोधित करेंगे। यही नहीं बेणेश्वर धाम पर बने नए पुल का भी सोनिया गांधी उद्घाटन करेंगी। इस बीच बुधवार को राजस्थान के आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने बेणेश्वर धाम पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इससे पहले गांधी परिवार ने 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले बाणेश्वर धाम का दौरा किया था। यही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी भी यहां आए थे।

बेणेश्वर धाम को माना जाता है राजस्थान का ‘प्रयाग’, मिलती हैं तीन नदियां

बेणेश्वर धाम को राजस्थान के प्रयागराज के तौर पर मान्यता दी जाती है। इसकी वजह यह है कि यहां माही, सोम और जाखम नदियों का संगम होता है। यहां भगवान शिव का मंदिर है और उसके निकट ही भगवान विष्णु का भी मंदिर है, जिसके बारे में मान्यता है कि जब भगवान विष्णु के अवतार माव जी ने यहां तपस्या की थी, यह मंदिर उसी समय बना था। यहां प्रति वर्ष माघ महीने में मेला भी लगता है, जिसमें मध्यप्रदेश और गुजरात से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। मान्यताओं के अनुसार यह मेला करीब तीन सौ वर्ष से लग रहा है। यहां संत मावजी महाराज और बेणेश्वर की गाथाएं हर जगह पर प्रचलित हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान में गर्मी के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ कांग्रेस का उदयपुर में चिंतन शिविर होने वाला है तो वहीं जयपुर में भाजपा भी 20 और 21 मई को एक बैठक करने वाली है। यही नहीं होम मिनिस्टर अमित शाह भी डूंगरपुर-बांसवाड़ा का दौरा मई में ही करने वाले हैं। ये दोनों जिले दक्षिण राजस्थान में आते हैं, जहां आदिवासियों की अच्छी खासी आबादी है। कांग्रेस भी इस बार यहां काफी फोकस कर रही है। अशोक गहलोत भी अप्रैल में यहां पहुंचे थे और सरकार की कई योजनाओं का प्रचार किया था।

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